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शनि की चाल बदलेगी समीकरण, 74 दिन इन 6 राशियों को बरतनी होगी सावधानी

Mon, 28 Sep 2026 01:50 PM IST
श्वेता सिंह ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला

सार

Shani Gochar 2026: शनि की चाल में बदलाव का ज्योतिषीय प्रभाव कुछ राशियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अगले 74 दिनों तक शनि के प्रभाव के कारण 6 राशियों के जातकों को करियर, धन और निजी मामलों में सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
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वक्री शनि - फोटो : amar ujala

Shani Vakri 2026: शनि देव इस समय मीन राशि में वक्री अवस्था में हैं। ज्योतिषीय गणना के मुताबिक, शनि ने 27 जुलाई 2026 को रात 10 बजकर 21 मिनट पर मीन राशि में वक्री चाल शुरू की थी। अब करीब साढ़े चार महीने बाद 11 दिसंबर 2026 को सुबह लगभग 5 बजे शनि फिर से मार्गी हो जाएंगे। इस तरह शनि लगभग 138 दिनों तक वक्री अवस्था में रहेंगे। ज्योतिष में शनि की चाल में होने वाले बदलाव को महत्वपूर्ण माना जाता है। वक्री अवस्था को अक्सर पुराने मामलों की समीक्षा, अधूरे कार्यों को दोबारा पूरा करने और पहले लिए गए फैसलों पर पुनर्विचार से जोड़कर देखा जाता है। इस दौरान कामकाज, धन और कारोबार से जुड़े मामलों में बिना सोचे-समझे निर्णय लेने से बचने की सलाह दी जाती है। हालांकि, किसी व्यक्ति पर शनि का वास्तविक प्रभाव उसकी जन्मकुंडली और ग्रहों की स्थिति के अनुसार अलग-अलग हो सकता है।

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काम पूरा होने में सामान्य से अधिक वक्त लग सकता है। - फोटो : amar ujala

वृषभ राशि 
वृषभ राशि के जातकों के लिए वक्री शनि का दौर कार्यक्षेत्र में धैर्य बनाए रखने वाला हो सकता है। कोई पुराना प्रोजेक्ट या अधूरा काम फिर से सामने आ सकता है, जिसके कारण अतिरिक्त समय देना पड़े। नौकरीपेशा लोगों की जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं और काम पूरा होने में सामान्य से अधिक वक्त लग सकता है। व्यापार करने वाले लोगों को लेन-देन के मामलों में अतिरिक्त सावधानी रखनी होगी। किसी नई योजना में पैसा लगाने से पहले उससे जुड़े जोखिम और फायदे अच्छी तरह समझना जरूरी रहेगा। परिवार से जुड़े किसी मुद्दे पर भी जल्द प्रतिक्रिया देने के बजाय बातचीत से समाधान निकालना बेहतर हो सकता है। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार, वृषभ शनि की मित्र राशि मानी जाती है, इसलिए मेहनत के बाद लाभ के अवसर भी बन सकते हैं।

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कार्यस्थल पर जिम्मेदारियां बढ़ने से व्यस्तता अधिक हो सकती है। - फोटो : amar ujala

मिथुन राशि
मिथुन राशि वालों के लिए यह अवधि कामकाज के साथ अपनी दिनचर्या और सेहत पर ध्यान देने की जरूरत बता रही है। कार्यस्थल पर जिम्मेदारियां बढ़ने से व्यस्तता अधिक हो सकती है। किसी महत्वपूर्ण काम को लेकर दबाव महसूस हो सकता है, इसलिए काम को प्राथमिकता के अनुसार पूरा करना उपयोगी रहेगा। कारोबारियों के लिए विस्तार के अवसर बने रह सकते हैं, लेकिन बड़े फैसलों में जल्दबाजी करना ठीक नहीं होगा। आर्थिक स्थिति सामान्य रह सकती है, फिर भी अनावश्यक खर्चों को नियंत्रित रखना बेहतर रहेगा। इस दौरान पुराने और अधूरे कार्यों को पूरा करने पर ध्यान देने से आगे की योजनाओं के लिए रास्ता साफ हो सकता है।

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कोई पुरानी योजना दोबारा शुरू करने का मौका मिल सकता है। - फोटो : amar ujala

कन्या राशि
कन्या राशि के जातकों के लिए वक्री शनि का प्रभाव नौकरी, कारोबार और निवेश से जुड़े मामलों में महत्वपूर्ण रह सकता है। कोई पुरानी योजना दोबारा शुरू करने का मौका मिल सकता है। कारोबार में कभी तेजी तो कभी धीमापन देखने को मिल सकता है, इसलिए परिस्थितियों के अनुसार रणनीति बदलने की जरूरत पड़ सकती है। धन से जुड़े फैसले लेते समय पूरी जानकारी जुटाना जरूरी रहेगा। खासतौर पर ऐसे निवेश से बचना बेहतर होगा, जिनमें बिना पर्याप्त जानकारी के तुरंत बड़े लाभ की उम्मीद की जा रही हो। नौकरीपेशा लोगों को अपने काम में सावधानी बरतनी होगी, क्योंकि छोटी सी लापरवाही बाद में परेशानी खड़ी कर सकती है। हालांकि, ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार मेहनत और सही योजना से लाभ के अवसर भी प्राप्त हो सकते हैं।

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निवेश और आर्थिक मामलों में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होगी। - फोटो : amar ujala

तुला राशि
तुला राशि वालों के लिए शनि की वक्री चाल के दौरान करियर से जुड़े मामलों में कुछ रुकावटें या देरी देखने को मिल सकती हैं। किसी प्रोजेक्ट को पूरा होने में अपेक्षा से अधिक समय लग सकता है या उसके परिणाम के लिए इंतजार करना पड़ सकता है। ऐसे में धैर्य बनाए रखना जरूरी रहेगा। निवेश और आर्थिक मामलों में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होगी। किसी के कहने पर बिना जानकारी जुटाए पैसा लगाने से बचें। धन से जुड़े मामलों में भरोसा करते समय भी जरूरी दस्तावेज और जानकारी की जांच कर लेना बेहतर रहेगा। निजी जीवन में छोटी बातों पर विवाद बढ़ाने के बजाय शांतिपूर्वक बातचीत करने से परिस्थितियां संभाली जा सकती हैं।

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धन के मामलों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। - फोटो : amar ujala

मकर राशि
मकर राशि के स्वामी शनि हैं, इसलिए शनि की वक्री चाल को इस राशि के लिए विशेष महत्व दिया जाता है। इस अवधि में कोई पुराना काम, जिम्मेदारी या समस्या दोबारा सामने आ सकती है। कार्यक्षेत्र में जिम्मेदारियां बढ़ने से व्यस्तता भी बढ़ सकती है। धन के मामलों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। यदि निवेश की योजना बना रहे हैं तो किसी भी निर्णय से पहले पूरी जानकारी हासिल करें। परिवार में किसी मुद्दे को लेकर तनाव की स्थिति बन सकती है, इसलिए बातचीत में संयम रखना जरूरी रहेगा। किसी महत्वपूर्ण फैसले पर पहुंचने से पहले उसके संभावित परिणामों पर विचार करना फायदेमंद होगा।

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कुछ कामों में अनावश्यक देरी भी हो सकती है। - फोटो : amar ujala

कुंभ राशि
कुंभ राशि के स्वामी भी शनि हैं। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार, इस समय कुंभ राशि वालों पर शनि की साढ़ेसाती का अंतिम चरण भी चल रहा है। ऐसे में वक्री शनि की अवधि को कामकाज, जिम्मेदारियों और आर्थिक मामलों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस दौरान खर्च बढ़ने की स्थिति बन सकती है और कुछ कामों में अनावश्यक देरी भी हो सकती है। नौकरीपेशा लोगों को वरिष्ठ अधिकारियों या सहकर्मियों के साथ बातचीत करते समय संयम रखना चाहिए। कारोबारियों के लिए पुराने लेन-देन, जरूरी कागजात और समझौतों की दोबारा जांच करना उपयोगी रहेगा। किसी बड़ी डील या निवेश में जल्दबाजी के बजाय पर्याप्त जानकारी के बाद निर्णय लेना बेहतर होगा। इस समय धैर्य और अनुशासन के साथ आगे बढ़ना अधिक महत्वपूर्ण रहेगा।

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।

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