rahu-ketu dosh
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राहु-केतु का संयुक्त प्रभाव
जब राहु और केतु दोनों का प्रभाव किसी व्यक्ति की कुंडली में होता है, तो यह उसके जीवन को और भी जटिल बना सकता है। शरीर और मन में असंतुलन पैदा हो जाता है, जिसके परिणामस्वरूप शारीरिक बीमारियां, मानसिक तनाव, पारिवारिक कलह और सामाजिक समस्याएं उत्पन्न होती हैं। राहु और केतु का संयुक्त प्रभाव जीवन के सभी क्षेत्रों में विघ्न डाल सकता है और जातक को कठिनाइयों का सामना करवा सकता है।