Rahu and Ketu Transit 2025: ज्योतिषियों के मुताबिक केतु 20 जुलाई 2025 को नक्षत्र परिवर्तन करने वाले हैं। वह पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र में अपना स्थान लेंगे। दूसरी ओर राहु भी इसी दिन पूर्वभाद्रपद नक्षत्र में प्रवेश कर जाएंगे। ज्योतिष शास्त्र में राहु-केतु को छाया ग्रह माना जाता है। आमतौर पर ये दोनों ही अपने अशुभ प्रभाव के लिए जाने जाते हैं।
कुंडली में इनका स्थान व्यक्ति के काम, करियर, नौकरी और रिश्तों पर असर डालता है। चूंकि राहु जातक की बुद्धि को प्रभावित करता है, इसलिए भ्रम की स्थिति पैदा होती है। वहीं केतु बिना सोचे-समझे कार्य करने को मजबूर करता है, जिससे समस्याएं खड़ी होती हैं।
हालांकि इनका गोचर एक महत्वपूर्ण ज्योतिषीय घटना रही है। इसका सीधा असर 12 राशियों पर दिखाई पड़ता है। परंतु कुछ राशि वालों को अच्छे परिणाम भी प्राप्त होते हैं। ऐसे में यह गोचर किन राशि वालों के लिए कल्याणकारी हो सकता है, आइए जानते हैं।