मंगल की वक्री चाल
मंगल मीन राशि में वक्री
4 अक्तूबर से मंगल मीन राशि में रहते हुए वक्री चाल से चलने लगेंगे। मंगल ग्रह ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जीवन शक्ति को सभी प्राणियों के शरीर में खून के रूप में संचालित करने वाले ग्रह हैं। मंगल वीरता, साहस, वीरता और गस्से का प्रतिनिधित्व करने वाले ग्रह होते हैं। मंगल के शुभ होने पर प्राणियों को अच्छे परिणाम प्राप्त होते हैं। यदि भावनाओं पर नियंत्रण किया गया तो इससे जीवन के हर क्षेत्र में सफलता मिल सकती है।
पृथ्वी पुत्र मंगल इससे पहले 09 सितंबर वक्री हो रहे हैं। अपनी वक्री अवस्था में चलते मंगल 04 अक्तूबर को सुबह 10 बजकर 04 मिनट पर रेवती नक्षत्र एवं मीन राशि में प्रवेश कर चुके हैं और पुनः 14 नवंबर की प्रातः 06 बजकर 04 मिनट पर मार्गी होकर 24 दिसंबर को सुबह 10 बजकर सुबह 10 बजकर 16 मिनट पर मेष राशि में प्रवेश करते हुए 22 फरवरी 2021 की सुबह 04 बजकर 33 मिनट तक गोचर करेंगे उसके बाद बृषभ राशि में प्रवेश कर जायेंगे। इस प्रकार ये 02 माह 04 दिन तक वक्री रहेंगे। मंगल के मीन राशि में वक्री होने पर राशियों पर पड़ने वाले शुभ-अशुभ प्रभाव...
शुभ असर- सिंह, तुला, मकर और कुंभ
अशुभ असर- मेष, मिथुन , कन्या, धनु और मीन
बाकी पर रहेगा मिला जुला असर