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अक्तूबर महीने में इन ग्रहों की चाल में होगा बदलाव, इन चार राशियों के लिए शुभ रहेगा महीना

Fri, 02 Oct 2020 08:00 AM IST
विनोद शुक्ला ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
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ग्रह परिवर्तन अक्तूबर 2020 - फोटो : अमर उजाला
ज्योतिष में ग्रहों का गोचर बहुत ही महत्व रखता है। ग्रहों के एक राशि से दूसरी राशि में जानें पर उसका सभी राशियों पर शुभ और अशुभ दोनों तरह का प्रभाव पड़ता है। पिछले महीने की तरह इस बार ज्यादा ग्रहों का राशि परिवर्तन नहीं होगा। अक्तूबर महीने में दो ग्रहों का राशि परिवर्तन और दो ग्रहों की चाल में बदलाव होगा। आइए जानते हैं इस महीने में किन ग्रहों की चाल में बदलाव होने जा रहा है और इसका शुभ और अशुभ प्रभाव कौन सी राशियों पर पड़ेगा।
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sun transit
सूर्य का तुला राशि में गोचर
सूर्य हर महीने अपनी राशि बदलते हैं। सूर्य 17 अक्तूबर को कन्या राशि से निकलकर तुला राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं। जहां पर ये 16 नवंबर तक इसी राशि में रहेंगे। सभी ग्रहों में सूर्य को ग्रहों के राजा की पदवी प्राप्त है। ज्योतिष में सूर्य को तेज, मान-सम्मान और यश का कारक ग्रह माना जाता है। वैदिक ज्योतिष में मेष राशि में सूर्य उच्च का और तुला राशि में नीच का माना जाता है। सूर्य के इस राशि में आने से सूर्य से संबंधित चीजों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
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चंद्रमा - फोटो : पिक्साबे
चंद्रमा
चंद्रमा हर ढाई दिनों में अपनी राशि बदलते हैं। चंद्रमा को मन का कारक कहा गया है। 
 

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मंगल की वक्री चाल
मंगल ग्रह
मंगल ग्रह 4 अक्तूबर से मीन राशि में वक्री होने जा रहे हैं। मीन राशि जल तत्व की राशि है और यह बृहस्पति द्वारा शासित है, बृहस्पति और मंगल आपस में मित्र हैं। मीन राशि अंतर्ज्ञान, भावनाओं और करुणा का प्रतिध्वनित करती है वहीं मंगल ग्रह कार्य, साहस और इच्छा शक्ति को दर्शाता है। जल तत्व की राशि में अग्नि तत्व प्रधान ग्रह मंगल के गोचर से भावनाओं पर प्रभाव पड़ सकता है। यदि भावनाओं पर नियंत्रण किया गया तो इससे जीवन के हर क्षेत्र में सफलता मिल सकती है।
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mercury transit
बुध 
नवग्रहों में बुद्धि, वाणी एवं व्यापार के कारक ग्रह बुध 14 अक्टूबर को सुबह 06 बजकर 30 मिनट पर वक्री होंगे और 3 नवंबर की रात्रि 11 बजकर 15 मिनट पर पुनः मार्गी होंगे। वक्री-मार्गी अवस्था में भोग करते हुए बुध तुला राशि पर 1 माह 24 दिन तक गोचर करेंगे उसके बाद 28 नवंबर की सुबह 07 बजकर 02 मिनट पर बृश्चिक राशि में प्रवेश कर जाएंगे। मिथुन एवं कन्या राशि के स्वामी बुध मीन राशि में नीच राशि के माने गए हैं जबकि कन्या राशि इनके लिए उच्चराशि है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
गुरु
गुरु का इस महीने में किसी भी प्रकार का कोई भी परिवर्तन नहीं होगा। इसके पहले गुरु ने 30 जून को अपनी राशि परिवर्तन किया था। गुरु मकर राशि में 20 नवंबर को प्रवेश करेंगे और वर्ष पर्यंत उसी राशि में विचरण करेंगे। धनु और मीन राशि के स्वामी बृहस्पति कर्क राशि में उच्च तथा मकर राशि में नीच राशिगत माने गए हैं। इनके राशि परिवर्तन का पृथ्वी वासियों पर प्रत्यक्ष प्रभाव दिखाई देता है।
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venus transit
शुक्र 
शुक्र ग्रह को सुख और वैभव का कारक ग्रह माना जाता है। शुक्र 23 अक्तूबर को कन्या राशि में गोचर करेंगे जोकि 17 नवंबर तक इसी राशि में स्थित रहेंगे। इसके बाद शुक्र कन्या से तुला राशि में स्थित रहेंगे। कन्या राशि में शुक्र नीच के होते हैं।
 

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shani transit 2020
शनि
शनि का इस महीने कोई भी परिवर्तन नहीं होगा। पिछले महीने की 29 तारीख को शनि वक्री से मार्गी हुए थे। शनि करीब ढाई वर्षों में अपनी राशि बदलते हैं। शनि के राशि और चाल बदलने पर सभी राशियों के जातकों पर इसका व्यापक प्रभाव पड़ता है।

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राहु-केतु का राशि परिवर्तन 2020
राहु-केतु
राहु और केतु को छाया ग्रह माना गया है। राहु और केतु करीब 18 महीनों में अपनी राशि बदलते हैं। पिछले महीने ही इन दोनों ग्रहों ने व्रकी चाल से चलते हुए राशि परिवर्तन किया था।
 
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astrology
अक्तूबर महीने में ग्रहों के राशि परिवर्तन से राशियों पर प्रभाव
शुभ- मेष, वृष , तुला और धनु
अशुभ- कुंभ , मिथुन, कन्या और वृश्चिक
बाकी राशियों पर मिला जुला प्रभाव रहेगा।
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