सबको मिलता है अपना हिस्सा
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सबको मिलता है अपना हिस्सा
पितरों के नाम तथा गोत्र ही उनके लिए दिए गए हव्य-कव्य आदि पदार्थों को उन तक ले जाने का माध्यम बनते हैं। अतिशय श्रद्धा तथा भक्ति के साथ मंत्रों का प्रयोग करके श्राद्ध कार्य में जो अन्नादि पदार्थ पितरों को व्यवस्थित रूप से नाम, गोत्र, काल, देश आदि का उच्चारण करके दिए जाते हैं, वे सब पितरों के आहार रूप में परिणत हो जाते हैं और अन्य लोकों अथवा किसी भी योनि में जन्म लेने वाले आपके संबंधी जन को उनकी आवश्यकता के अनुसार प्राप्त होते हैं।