फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kundali Me Pitra Dosh: क्या आपकी कुंडली में पितृ दोष है? जानें इसके लक्षण, कारण और समाधान

Thu, 20 Mar 2025 06:30 AM IST
श्वेता सिंह ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Pitru Dosh Door Karne Ke Upay: अगर पितृ दोष से जुड़े इन उपायों को नियमित रूप से किया जाए, तो पितृ दोष का असर धीरे-धीरे कम हो जाता है और जीवन में खुशहाली लौट आती है। पूर्वजों का आशीर्वाद मिलने से व्यक्ति के जीवन में सुख, सफलता और शांति बनी रहती है।
 
विज्ञापन
1 of 5
pitru dosh - फोटो : Amar Ujala
ज्योतिष शास्त्र में कुंडली को व्यक्ति के जीवन का दर्पण माना जाता है। इसमें ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति के आधार पर शुभ और अशुभ योग बनते हैं, जो व्यक्ति के जीवन पर गहरा प्रभाव डालते हैं। शुभ योग जीवन में सफलता, समृद्धि और खुशहाली लाते हैं, जबकि अशुभ योग कई तरह की बाधाओं और परेशानियों का कारण बन सकते हैं।

Shani Gochar 2025: 29 मार्च को शनि का मीन राशि में गोचर, वृश्चिक राशि पर कैसा होगा प्रभाव ?

ऐसा ही एक महत्वपूर्ण और प्रभावशाली अशुभ योग है पितृ दोष। यह दोष पूर्वजों की असंतुष्टि या अधूरी इच्छाओं के कारण कुंडली में बनता है, जिससे व्यक्ति को आर्थिक तंगी, करियर में रुकावटें, पारिवारिक कलह और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। यदि किसी व्यक्ति के जीवन में लगातार संघर्ष बना रहता है, मेहनत के बावजूद सफलता नहीं मिलती, या परिवार में अशांति बनी रहती है, तो इसकी जड़ में पितृ दोष हो सकता है।

ज्योतिष में पितृ दोष के निवारण के लिए कई प्रभावी और सरल उपाय बताए गए हैं। सही समय पर इन उपायों को अपनाकर इस दोष के प्रभाव को कम किया जा सकता है और जीवन में सुख-समृद्धि लाई जा सकती है। आइए जानते हैं कि पितृ दोष कैसे बनता है, इसके लक्षण क्या हैं और इससे मुक्ति पाने के लिए कौन-कौन से उपाय किए जा सकते हैं।

Plamistry: हाथों की रेखाओं में मिलते हैं करियर में सफलता और संघर्ष के संकेत

विज्ञापन

2 of 5
pitru dosh - फोटो : Amar Ujala
पितृ दोष क्या होता है?  
पितृ दोष तब बनता है जब पूर्वजों की आत्मा किसी अधूरे कर्म, असंतोष या किसी अन्य कारण से अशांत रहती है। यह व्यक्ति के जीवन में कई तरह की परेशानियों को जन्म दे सकता है, जैसे-आर्थिक तंगी, सेहत से जुड़ी दिक्कतें, पारिवारिक कलह और मानसिक तनाव।  
विज्ञापन

3 of 5
pitru dosh - फोटो : freepik
कुंडली में पितृ दोष बनने के कारण
अगर किसी व्यक्ति की कुंडली में कुछ खास ग्रहों की अशुभ स्थिति होती है, तो पितृ दोष बनता है। इसके कुछ प्रमुख कारण हैं-
  •  सूर्य, मंगल और शनि का लग्न भाव या पंचम भाव में होना।  
  •  गुरु और राहु का अष्टम भाव में एक साथ होना।  
  •  राहु का त्रिकोण या केंद्र भाव में स्थित होना।  
  •  सूर्य, चंद्रमा और लग्नेश का राहु से संबंध होना।  

4 of 5
pitru dosh - फोटो : Amar Ujala
 पितृ दोष के लक्षण और प्रभाव  
  •  लगातार आर्थिक समस्याएं और धन की हानि।  
  •  परिवार में बार-बार झगड़े और आपसी मनमुटाव।  
  •  बार-बार बीमार पड़ना या इलाज के बाद भी बीमारी न ठीक होना।  
  •  करियर और बिजनेस में रुकावटें।  
  •  मानसिक तनाव और आत्मविश्वास की कमी।  
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
pitru dosh - फोटो : Amar Ujala
 पितृ दोष से मुक्ति पाने के उपाय  
अगर कुंडली में पितृ दोष हो, तो इसे दूर करने के लिए कुछ उपाय किए जा सकते हैं-  
  • बरगद के पेड़ के नीचे दीपक जलाएं और पूर्वजों की शांति के लिए प्रार्थना करें।  
  • सूर्य देव को तिल मिला हुआ जल चढ़ाएं और गायत्री मंत्र का जाप करें।  
  • पितरों के सम्मान में तर्पण और पिंडदान करें।  
  • गरीबों को भोजन कराएं और जरूरतमंदों की मदद करें।  
  • नवरात्रि के दौरान ‘कालिका स्तोत्र’ का पाठ करें।  
  • हर अमावस्या पर ब्राह्मणों को भोजन कराएं।  
  • गाय, कुत्तों, पक्षियों और चींटियों को भोजन दें।  
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें