वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब भी कोई ग्रह गोचर करता है या फिर दो ग्रहों की युति बनती है तो कई तरह के शुभ और अशुभ योगों का निर्माण होता है। इस समय मंगल और देवगुरु बृहस्पति के संयोग से नवपंचम योग का निर्माण हुआ है। गौरतलब है कि मंगल ग्रह 1 जुलाई से अपनी राशि कर्क की यात्रा को समाप्त करते हुए सिंह राशि में प्रवेश किया है। कर्क राशि मंगल की नीच की राशि मानी गई हैं। नवपंचम योग गुरु और मंगल ग्रह के योग से मिलकर बना होता है। इस शुभ योग के बनने से 4 राशि के जातकों को धन लाभ और सफलता प्राप्त के योग बन रहे हैं। आइए जानते हैं कौन-कौन सी भाग्यशाली राशियां हैं जिनको इसका लाभ मिल सकता है।