Budh Ka Rashi Parivartan : ज्योतिषशास्त्र के अनुसार सभी 9 ग्रहों में बुध ग्रह को तटस्थ और राजकुमार का दर्जा प्राप्त है। बुध वाणी, शिक्षा, गणित, व्यवसाय और संचार के ग्रह माने जाते है। कुंडली में बुध ग्रह के मजूबत होने पर व्यक्ति बहुत ही आत्मविश्वास से भरा रहने वाला, नेतृत्व करने वाला और अच्छा वक्ता होता है। सभी 12 राशियों में मिथुन और तुला राशि के स्वामी ग्रह बुध हैं। कन्या राशि में ये उच्च के और मीन राशि में नीच के होते हैं। युवराज ग्रह बुध 22 सितंबर को अपनी कन्या राशि को छोड़कर तुला राशि में प्रवेश कर जाएंगे। इसके बाद 27 सितंबर को तुला राशि में वक्री हो जाएंगे जहां से 2 अक्तूबर को फिर से कन्या राशि में आ जाएंगे। बुध के तुला राशि में गोचर करने से चार राशियों पर इसका सबसे ज्यादा शुभ प्रभाव पड़ेगा। आइए जानते हैं कौन सी हैं वे राशियां...