बुध ग्रह
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ज्योतिष शास्त्रों के अनुसार सूर्य और बुध के द्वारा निर्मित बुधादित्य योग बनने अथवा इसके पूर्णफलीभूत होने के लिए सूर्य और बुध के मध्य की दूरी 10 अंश से अधिक होनी चाहिए। किसी भी जातक की जन्मकुंडली में यदि सूर्य और बुध एक साथ हैं तो यह योग निर्मित होता है जो अति शुभ फलदाई होता है इस योग में उत्पन्न जातक विद्वान, धनी, मानी और यशस्वी होता है किंतु ज्योतिषी को फलादेश करते समय इनके मध्य की अंशात्मक दूरी का भी गहन अध्ययन करना चाहिए। सभी बारह राशियों पर बुधादित्य योग का प्रभाव कैसा रहेगा, इसका ज्योतिषीय विश्लेषण करते हैं।