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Budh Asta: 22 दिन बाद बुध ग्रह होंगे चंद्रमा की राशि में अस्त, जानें सभी 12 राशियों पर कैसा पड़ेगा इसका प्रभाव

Thu, 07 Aug 2025 01:12 PM IST
श्वेता सिंह ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Budh Asta Ka Rashiyon Par Prabhav: 29 अगस्त 2025 को बुध कर्क राशि में अस्त होंगे। इस दौरान बुध ग्रह का अस्त रहना हमारे जीवन के कई पहलुओं पर असर डाल सकता है, खासकर उन लोगों पर जिनकी राशि या लग्न कर्क, सिंह या कन्या से संबंधित है। बुध की यह स्थिति लगभग एक महीने तक रहेगी और 2 अक्टूबर 2025 को वे कन्या राशि में उदित होंगे। 
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29 अगस्त 2025 को बुध कर्क राशि में अस्त होंगे। - फोटो : amar ujala
Mercury Combust Impact On Zodiac Signs: बुध ग्रह, जो सूर्य के सबसे निकट ग्रहों में से एक है, अक्सर अपने अस्त होने के कारण ज्योतिष में खास महत्व रखता है। बुध बुद्धि, वाणी, संवाद, शिक्षा और वाणिज्य का कारक ग्रह माना जाता है। हालांकि बुध के अस्त होने को अन्य ग्रहों की तुलना में कम दोषपूर्ण माना जाता है, फिर भी इसका प्रभाव उन क्षेत्रों में जरूर पड़ता है जिनके लिए बुध जिम्मेदार है। 29 अगस्त 2025 को बुध कर्क राशि में अस्त होंगे। इस दौरान बुध ग्रह का अस्त रहना हमारे जीवन के कई पहलुओं पर असर डाल सकता है, खासकर उन लोगों पर जिनकी राशि या लग्न कर्क, सिंह या कन्या से संबंधित है।
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बुध की यह स्थिति लगभग एक महीने तक रहेगी और 2 अक्टूबर 2025 को वे कन्या राशि में उदित होंगे। अस्त रहते हुए बुध कर्क, सिंह और कन्या तीनों राशियों में भ्रमण करेंगे, इसलिए इन राशियों के जातकों को विशेष सावधानी और सजगता बरतनी होगी। इस अवधि में बुध से जुड़े क्षेत्र जैसे बुद्धि, संचार, शिक्षा, व्यवसाय और मानसिक स्थिरता पर प्रभाव पड़ सकता है। इस लेख में हम बुध के कर्क राशि में अस्त होने के फल को विस्तार से समझेंगे ताकि आप अपने जीवन में आने वाले बदलावों के लिए बेहतर तरीके से तैयारी कर सकें और इस समय का लाभ उठा सकें।
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बुध के अस्त रहने के कारण शुरुआती दिनों में मन में अनिश्चितता और दबाव महसूस हो सकता है। - फोटो : अमर उजाला
मेष राशि
मेष राशि में बुध ग्रह आपके तीसरे और छठे भाव के स्वामी होते हैं, और अस्त रहते हुए ये आपके चतुर्थ, पंचम और छठे भावों में गोचर करेंगे। बुध के अस्त होने की वजह से आपका आत्मविश्वास थोड़ा कमजोर पड़ सकता है। खासतौर पर प्रतियोगी मामलों में आप असहज महसूस कर सकते हैं और तनाव भी बढ़ सकता है। विद्यार्थी वर्ग अपने विषयों पर पूरा ध्यान नहीं दे पाएंगे, जिससे पढ़ाई में बाधा आ सकती है। कार्यक्षेत्र में भी कुछ चुनौतियाँ सामने आ सकती हैं। समग्रतः बुध के अस्त रहने के कारण शुरुआती दिनों में मन में अनिश्चितता और दबाव महसूस हो सकता है।
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बातचीत में सौम्यता और संयम बनाए रखना आपके लिए लाभदायक रहेगा। - फोटो : अमर उजाला
वृषभ राशि
वृषभ राशि में बुध ग्रह दूसरे और पांचवें भाव के स्वामी हैं, जो अस्त रहते हुए तीसरे, चौथे और पांचवें भावों में गोचर करेंगे। तीसरा और चौथा भाव सामान्यतः अच्छे परिणाम देते हैं, पर पंचम भाव में बुध का गोचर कमजोर हो सकता है। अस्त रहने के कारण आर्थिक मामलों में कुछ कमजोरी महसूस हो सकती है। पारिवारिक जीवन में कुछ तनाव या मतभेद उभर सकते हैं। संतान और शिक्षा के मामले में सावधानी बरतनी होगी, वहीं प्रेम संबंधों को गंभीरता से संभालना जरूरी होगा। बातचीत में सौम्यता और संयम बनाए रखना आपके लिए लाभदायक रहेगा।

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घर-गृहस्थी में कुछ तनाव या असंतोष देखने को मिल सकता है। - फोटो : अमर उजाला
मिथुन राशि
मिथुन राशि वालों के लिए बुध ग्रह लग्न के साथ-साथ चौथे भाव के स्वामी भी हैं। बुध कर्क राशि में अस्त रहते हुए आपके दूसरे, तीसरे और चौथे भाव में गोचर करेंगे। गोचर के लिहाज से ये अच्छे परिणाम देने वाले हैं, लेकिन अस्त के कारण स्वास्थ्य संबंधी थोड़ी कमजोरी आ सकती है। भाई-बंधु और पड़ोसियों के साथ रिश्तों को बनाए रखना आवश्यक होगा। घर-गृहस्थी में कुछ तनाव या असंतोष देखने को मिल सकता है। हालांकि किसी बड़ी समस्या की संभावना कम है, परंतु सतर्क रहना फायदेमंद रहेगा।
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आर्थिक और पारिवारिक मामलों में अच्छे परिणाम मिलने के योग हैं। - फोटो : अमर उजाला
कर्क राशि
कर्क राशि में बुध तीसरे और द्वादश भाव के स्वामी होते हैं, और अस्त रहते हुए ये आपके पहले, दूसरे और तीसरे भाव में गोचर करेंगे। पहले भाव में बुध का प्रभाव ज्यादा नहीं रहेगा क्योंकि यह अवधि कम है। दूसरे और तीसरे भाव में गोचर सामान्यतः शुभ माना जाता है। फिर भी बुध के अस्त होने के कारण विदेश यात्रा, कानूनी मामले या किसी दूर के संबंध में थोड़ी देरी हो सकती है। आत्मविश्वास में कमी महसूस हो सकती है। आर्थिक और पारिवारिक मामलों में अच्छे परिणाम मिलने के योग हैं, लेकिन राहु, केतु, शनि और मंगल जैसे ग्रहों के प्रभाव से पारिवारिक संबंधों को सावधानी से निभाना होगा।
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खर्चे बढ़ सकते हैं और निर्णय लेने में अनिश्चितता बनी रहेगी।
सिंह राशि
सिंह राशि में बुध ग्रह दूसरे और लाभ भाव के स्वामी हैं, जो अस्त रहते हुए द्वादश, प्रथम और दूसरे भाव में गोचर करेंगे। द्वादश और प्रथम भावों में बुध का गोचर कमजोर परिणाम दे सकता है। अस्त के कारण आपको अपने वित्तीय मामलों और प्राप्तियों में विलंब का सामना करना पड़ सकता है। खर्चे बढ़ सकते हैं और निर्णय लेने में अनिश्चितता बनी रहेगी। इस दौरान वरिष्ठों की सलाह लेना फायदेमंद होगा। परिवारिक और आर्थिक मामलों में सावधानी बरतना जरूरी है।
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व्यर्थ की यात्राओं से बचना बेहतर होगा। इस अवधि में सावधानी से निर्णय लेना आवश्यक होगा। - फोटो : अमर उजाला
कन्या राशि
कन्या राशि में बुध लग्न और दशम भाव के स्वामी हैं। अस्त रहते हुए वे आपके लाभ, व्यय और प्रथम भावों में गोचर करेंगे। लाभ भाव में बुध का गोचर कम समय के लिए रहेगा, जबकि व्यय और प्रथम भावों में अधिक समय। इसलिए, बुध के अस्त के प्रभाव से परिणाम कमजोर रह सकते हैं। व्यापार या नौकरी में जोखिम उठाना ठीक नहीं रहेगा। स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। व्यर्थ की यात्राओं से बचना बेहतर होगा। इस अवधि में सावधानी से निर्णय लेना आवश्यक होगा।

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किसी भी प्रकार के बड़े व्यापारिक निर्णय या दूर की यात्रा इस दौरान टालनी चाहिए। - फोटो : अमर उजाला
तुला राशि
तुला राशि में बुध ग्रह भाग्य और द्वादश भाव के स्वामी हैं, और वे अस्त रहते हुए दशम, एकादश और द्वादश भाव में गोचर करेंगे। दशम भाव में बुध का समय कम होगा लेकिन लाभ भाव में आधे समय तक रहेंगे, जो अच्छे परिणाम दे सकते हैं। हालांकि भाग्य भाव के स्वामी के अस्त होने के कारण भाग्य की मदद कम मिलेगी, लेकिन कर्म की मेहनत से अच्छे फल मिल सकते हैं। विदेश यात्रा या व्यापार से लाभ हो सकता है, परंतु जोखिम लेना उचित नहीं होगा। किसी भी प्रकार के बड़े व्यापारिक निर्णय या दूर की यात्रा इस दौरान टालनी चाहिए।

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आर्थिक मामलों में सावधानी बरतनी होगी, लेकिन कुल मिलाकर लाभ के संकेत मजबूत हैं। - फोटो : अमर उजाला
वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि में बुध ग्रह आपके अष्टम और लाभ भाव के स्वामी हैं। बुध अस्त रहते हुए आपके भाग्य, कर्म और लाभ भावों में गोचर करेंगे। भाग्य भाव में बुध का समय कम होगा, लेकिन कर्म और लाभ भावों में अधिक। यह स्थिति सामान्यतः लाभकारी होती है। व्यापार में सफलता के योग हैं, लेकिन उन्माद या जल्दबाजी में निर्णय लेना नुकसानदेह हो सकता है। आर्थिक मामलों में सावधानी बरतनी होगी, लेकिन कुल मिलाकर लाभ के संकेत मजबूत हैं।

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व्यापार में जोखिम उठाने से बचना चाहिए। - फोटो : अमर उजाला
धनु राशि
धनु राशि में बुध ग्रह सातवें और दशम भाव के स्वामी हैं, और अस्त रहते हुए अष्टम, भाग्य और कर्म भावों में रहेंगे। ज्यादातर समय बुध आपके लिए अनुकूल नहीं रहेंगे। भाग्य का कम समर्थन मिलेगा, इसलिए कर्म पर ज्यादा ध्यान देना होगा। दांपत्य जीवन में सावधानी बरतनी होगी। व्यापार में जोखिम उठाने से बचना चाहिए। सहकर्मियों के साथ तालमेल बिठाना और वरिष्ठों का सम्मान करना महत्वपूर्ण रहेगा। बुध के अस्त होने के अंत में कुछ अच्छे परिणाम भी मिल सकते हैं।

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भाग्य पर अधिक भरोसा न करें और सतर्कता बनाए रखें। - फोटो : अमर उजाला
मकर राशि
मकर राशि में बुध छठे और भाग्य भाव के स्वामी हैं। अस्त रहते हुए वे सप्तम, अष्टम और भाग्य भाव में गोचर करेंगे। सप्तम भाव में बुध का प्रभाव कम समय के लिए होगा। अष्टम भाव में बुध अनुकूल रहेंगे, वहीं भाग्य भाव में अपनी राशि में होने के कारण औसत परिणाम देंगे। षष्ठेश के अस्त के कारण विरोधियों की गतिविधियों पर सावधानी जरूरी है। गुरुजनों और वरिष्ठों का सम्मान करना जरूरी होगा। भाग्य पर अधिक भरोसा न करें और सतर्कता बनाए रखें।

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अस्त रहने की अवधि के बाद परिणाम कुछ बेहतर हो सकते हैं। - फोटो : अमर उजाला
कुंभ राशि
कुंभ राशि में बुध पंचम और अष्टम भाव के स्वामी होते हैं, और अस्त रहते हुए छठे, सातवें और आठवें भाव में रहेंगे। छठे भाव में बुध का समय कम होगा। सप्तम और पंचम भाव के अस्त होने से प्रेम और दांपत्य संबंधों में सावधानी जरूरी होगी। बड़े निवेश या जोखिम से बचना बेहतर रहेगा। अस्त रहने की अवधि के बाद परिणाम कुछ बेहतर हो सकते हैं। मेहनत का फल धीरे-धीरे मिलेगा, लेकिन इस दौरान धैर्य बनाए रखना आवश्यक है।
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व्यापार या रोजगार में जोखिम लेना इस दौरान ठीक नहीं होगा। - फोटो : अमर उजाला
मीन राशि
मीन राशि में बुध ग्रह चौथे और सप्तम भाव के स्वामी हैं, और वे अस्त रहते हुए पंचम, छठे और सप्तम भाव में रहेंगे। पंचम भाव में बुध का समय कम होगा, जिससे वहां की नकारात्मकता कम होगी। छठे भाव में बुध का गोचर अनुकूल होगा। सप्तम भाव में बुध औसत परिणाम देंगे, लेकिन शनि और मंगल के प्रभाव से सावधानी जरूरी होगी। घर-गृहस्थी में तनाव या परेशानियां आ सकती हैं। व्यापार या रोजगार में जोखिम लेना इस दौरान ठीक नहीं होगा। बुध के अस्त रहने के पहले हिस्से में अच्छे परिणाम मिल सकते हैं, लेकिन बाद के समय में परिणाम कमजोर हो सकते हैं।



डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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