युवराज चंद्र पुत्र बुध लगभग 11 महीने बाद अपनी स्वयं की राशि कन्या में 11 सितंबर की सुबह 5:00 बजे प्रवेश किया है। जहां ये पहले से ही विराजमान नीचसंज्ञक शुक्र के साथ युति करेंगे।
कन्या राशि बुध की अपनी अतिशुभ प्रभाव वाली राशि है जिसमें पहुंचकर बुध कार्य व्यापार में उन्नति प्रदान करते हैं। शुभ समाचार यह है कि शुक्र का नीचभंग योग भी शुरू हो जाएगा क्योंकि, वह स्वराशि स्वामी बुध के साथ विराजमान है अतः शुक्र के नीच राशि गत होने की अशुभता में कमी आएगी। निश्चित रूप से कार्य व्यापार के क्षेत्र में प्रगति होगी और प्राकृतिक आपदाओं में कमी आएगी। बुध के अपनी राशि में प्रवेश के साथ शुक्र के साथ उनकी युति का सभी 12 राशियों पर कैसा प्रभाव रहेगा। इसका ज्योतिषीय विश्लेषण करते हैं।
हर प्रकार की समस्या का हल, फोन पर जानें प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्यों द्वारा। अभी कॉल करें, शुल्क 7 रुपये प्रति मिनट से शुरू। (विज्ञापन)