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मंगल का भरणी नक्षत्र में गोचर, 16 जून तक इन 3 राशियों को रहना होगा सावधान

Sat, 30 May 2026 11:12 PM IST
Shweta Singh ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला

सार

29 मई को मंगल ग्रह ने भरणी नक्षत्र में प्रवेश किया है, जिसके प्रभाव से कुछ राशियों के जातकों को आने वाले दिनों में अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता पड़ सकती है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, यह नक्षत्र परिवर्तन करियर, धन, स्वास्थ्य और व्यक्तिगत संबंधों से जुड़े मामलों में चुनौतियां बढ़ा सकता है। 16 जून तक का समय कुछ लोगों के लिए तनावपूर्ण परिस्थितियां और अप्रत्याशित बाधाएं लेकर आ सकता है।
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29 मई को मंगल ने भरणी नक्षत्र में प्रवेश किया है और 16 जून तक इसी नक्षत्र में रहेंगे। - फोटो : अमर उजाला

Mangal Nakshatra Gochar: वैदिक ज्योतिष में मंगल ग्रह को ऊर्जा, साहस, पराक्रम और निर्णय क्षमता का कारक माना जाता है। जब मंगल किसी नक्षत्र में प्रवेश करते हैं, तो उसका प्रभाव सभी राशियों पर किसी न किसी रूप में पड़ता है। 29 मई को मंगल ने भरणी नक्षत्र में प्रवेश किया है और 16 जून तक इसी नक्षत्र में रहेंगे। भरणी नक्षत्र का स्वामी शुक्र है, इसलिए इस दौरान मंगल और शुक्र की ऊर्जाओं का विशेष प्रभाव देखने को मिल सकता है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, यह अवधि कुछ राशियों के लिए चुनौतियां, तनाव और अप्रत्याशित बाधाएं लेकर आ सकती है। ऐसे में इन राशियों के जातकों को धन, करियर और संबंधों से जुड़े मामलों में अतिरिक्त सतर्कता बरतने की आवश्यकता होगी। आइए जानते हैं किन राशियों पर मंगल के इस नक्षत्र गोचर का सबसे अधिक प्रभाव पड़ सकता है।
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अधिकारियों के साथ मतभेद होने की संभावना रहेगी। - फोटो : amar ujala

वृषभ राशि
मंगल का भरणी नक्षत्र में गोचर वृषभ राशि के जातकों के लिए कुछ चुनौतियां लेकर आ सकता है। इस दौरान स्वभाव में चिड़चिड़ापन और क्रोध बढ़ सकता है, जिसका असर आपके व्यक्तिगत और पेशेवर संबंधों पर पड़ सकता है। कार्यस्थल पर सहकर्मियों या अधिकारियों के साथ मतभेद होने की संभावना रहेगी। वैवाहिक जीवन में भी छोटी-छोटी बातों को लेकर तनाव उत्पन्न हो सकता है। इसलिए बातचीत में संयम बनाए रखना आवश्यक होगा। मंगल के अशुभ प्रभावों को कम करने के लिए नियमित रूप से हनुमान चालीसा का पाठ करना लाभकारी माना जाता है।

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आर्थिक मामलों में अनियोजित खर्च बढ़ सकते हैं। - फोटो : amar ujala

कन्या राशि
कन्या राशि वालों के लिए मंगल का यह नक्षत्र गोचर सावधानी बरतने का संकेत दे रहा है। विशेष रूप से वाहन चलाते समय और यात्रा के दौरान सतर्क रहना जरूरी होगा। आर्थिक मामलों में अनियोजित खर्च बढ़ सकते हैं, जिससे बजट प्रभावित हो सकता है। सामाजिक और पारिवारिक जीवन में भी वाणी पर नियंत्रण रखना आवश्यक रहेगा, क्योंकि गलत शब्द विवाद का कारण बन सकते हैं। प्रेम संबंधों में गलतफहमियां पैदा होने की आशंका है। इस अवधि में लाल वस्त्र, मसूर दाल या मिठाई का दान करना शुभ माना जाता है।

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किसी निवेश या आर्थिक समझौते में न पड़ें। - फोटो : amar ujala

वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि के जातकों के लिए मंगल का यह गोचर महत्वपूर्ण निर्णयों में धैर्य रखने की सलाह देता है। करियर या व्यवसाय से जुड़े बड़े फैसलों को कुछ समय के लिए टालना बेहतर हो सकता है। धन के लेन-देन में विशेष सावधानी बरतें और बिना सोच-विचार के किसी निवेश या आर्थिक समझौते में न पड़ें। छात्रों का पढ़ाई में मन कम लग सकता है और एकाग्रता प्रभावित हो सकती है। परिवार के बड़े सदस्यों या भाई-बहनों के साथ मतभेद मानसिक तनाव का कारण बन सकते हैं। ऐसे में हनुमान जी की उपासना और मंत्र जाप मानसिक शांति प्रदान कर सकते हैं।

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। 

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