Mangal Rahu Transit 2026: ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों की राशि के साथ-साथ उनके नक्षत्र परिवर्तन को भी काफी प्रभावशाली माना जाता है। मंगल को साहस, ऊर्जा, आत्मविश्वास और पराक्रम से जोड़कर देखा जाता है, जबकि राहु को भ्रम, असमंजस और अचानक होने वाले बदलावों का कारक माना जाता है। ऐसे में मंगल का राहु के नक्षत्र में प्रवेश कुछ राशि के जातकों के लिए चुनौतीपूर्ण परिस्थितियां लेकर आ सकता है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, मंगल राहु के नक्षत्र में 2 सितंबर 2026 तक रहेगा। इस दौरान मंगल और राहु के प्रभाव से अंगारक योग बनने की चर्चा है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इस योग का असर व्यक्ति के आर्थिक जीवन, नौकरी-व्यवसाय, स्वास्थ्य और पारिवारिक संबंधों पर पड़ सकता है। ऐसे में कुछ राशियों के जातकों को इस अवधि में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।