Mercury: ज्योतिष शास्त्र में बुध को ग्रहों का राजकुमार कहा जाता है। कुंडली में उनकी स्थिति व्यक्ति के जीवन पर विशेष प्रभाव डालती हैं। यदि बुध जन्म कुंडली में लग्न भाव में हो, तो जातक संवाद में कुशल बनता है।
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ज्योतिष में बुध को बुद्धि, वाणी, संवाद, गणित, तर्क, और व्यापार का कारक ग्रह माना जाता है।
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kundli me budh grah importance and impact in life: आपने अक्सर उन लोगों को देखा होगा, जो बातूनी तो होते ही हैं बल्कि अपने विशेष बोलने की कला से हर महफिल को लूट भी लेते हैं। दरअसल, आज की दुनिया में सबसे महत्वपूर्ण है संचार, जिसे अंग्रेजी में कम्यूनिकेशन कहा जाता है। अगर आप अच्छी बातचीत करने का हुनर जानते हैं, तो यकीन मानिए आप ना केवल करियर में बल्कि बिजनेस के क्षेत्र में भी सफलता हासिल कर सकते हैं।
जाहिर है बोलने का कमाल है ही इतना प्यारा कि अक्खड़ से अक्खड़ व्यक्ति से भी काम निकाला जा सकता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आखिर कुछ लोग इतना अच्छा बोल कैसे बोल सकते हैं ? आखिर ऐसा क्या खास होता है उनके व्यक्तित्व में जो उनके कम्युनिकेशन को शानदार और दमदार बना देता है।
दरअसल, इसे बुध ग्रह का प्रभाव माना जाता है। ज्योतिष में बुध को बुद्धि, वाणी, संवाद, गणित, तर्क, और व्यापार का कारक ग्रह माना जाता है। कुंडली में उनके प्रभाव से व्यक्ति को बिजनेस में सफलता और करियर में अच्छे परिणाम मिलते हैं। इसके अलावा व्यक्ति अच्छा वक्ता भी बनता है। ऐसे में आइए बुध के प्रभाव और उसे मजबूत करने के उपाय विस्तार से जानते हैं।
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ज्योतिष शास्त्र में बुध को ग्रहों का राजकुमार कहा जाता है। कुंडली में उनकी स्थिति व्यक्ति के जीवन पर विशेष प्रभाव डालती हैं।
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बुध ग्रह का कुंडली पर प्रभाव
ज्योतिष शास्त्र में बुध को ग्रहों का राजकुमार कहा जाता है। कुंडली में उनकी स्थिति व्यक्ति के जीवन पर विशेष प्रभाव डालती हैं। यदि बुध जन्म कुंडली में लग्न भाव में हो, तो जातक संवाद में कुशल बनता है। इतना ही नहीं बुध के प्रभाव से व्यक्ति का व्यक्तित्व भी बढ़ता है और वह शारीरिक रूप से सुंदर बनता है।
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बुध के चतुर्थ भाव में होने पर जातक के भौतिक सुख में वृद्धि होती हैं और वह बलवान बनाता है।
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वहीं बुध के चतुर्थ भाव में होने पर जातक के भौतिक सुख में वृद्धि होती हैं और वह बलवान बनाता है। साथ ही उसकी गणना अच्छे व्यापारियों के रूप में भी होती हैं। परंतु बुध ग्रह की कमजोर स्थिति जातक को व्यापार में असफल बनाती हैं। वह करियर, जीवन, शिक्षा और प्रेम जीवन में भी कई परेशानियां झेलता हैं।
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यदि किसी व्यक्ति की जन्म कुंडली में बुध कमजोर होता है, तो वह अक्सर बीमारियों से घिरा रहता है।
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क्या है बुध कमजोर होने के लक्षण ?
यदि किसी व्यक्ति की जन्म कुंडली में बुध कमजोर होता है, तो वह अक्सर बीमारियों से घिरा रहता है। इसके अलावा जातक पाचन शक्ति कमजोर, पेट दर्द और बालों की समस्याएं भी झेलता है। वहीं कुंडली में बुध की स्थिति सही न होने पर संवाद में दिक्कतें आने लगती है, जिस कारण रिश्तों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इसके साथ ही व्यापार में असफलता, नौकरी में तनाव और शिक्षा के क्षेत्र में बार-बार असफलताएं मिलने लगती हैं।
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कुंडली में बुध को मजबूत करने के खास उपाय
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कुंडली में बुध को मजबूत करने के खास उपाय
बुधवार को भगवान गणेश को 11 मोदक का भोग लगाएं।
बुधवार के व्रत रखें।
बुधवार के दिन हरि चूड़ियों का दान करें।
रोजाना आप बुध स्तोत्र का पाठ करें।
बुध ग्रह से जुड़े मंत्रों का 108 बार जाप करें।
यदि संभव हो, तो आप पन्ना रत्न भी धारण कर सकते हैं।
बुधवार के दिन हरे रंग के वस्त्र पहनें।
रोजाना तुलसी को जल चढ़ाएं।
बुधवार के दिन गाय को घास खिलाएं।
हरी मूंग की दाल का दान करें।
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प्रथम भाव में बुध की स्थिति शुभ होने पर व्यक्ति बुद्धिमान व विद्वान हो सकता है।
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12 भाव में बुध ग्रह का फल
प्रथम भाव में बुध की स्थिति शुभ होने पर व्यक्ति बुद्धिमान व विद्वान हो सकता है।
द्वितीय भाव में बुध मजबूत होने पर जातक खाने-पिने का शौकिन होता है। इसके अलावा वह आज्ञाकारी भी बनता है।
तृतीय भाव में स्थिति मजबूत होने पर व्यक्ति कठोर परिश्रमी होता है। वह करियर में मनचाही सफलता हासिल करता है।
चतुर्थ भाव में बुध व्यक्ति के भौतिक सुख में वृद्धि करता है।
पंचम भाव में बुध की स्थिति शुभ होने पर जातक काव्य प्रिय बनता है।
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छठे भाव में बुध जातक को मिलाजुला फल प्रदान करता है।
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छठे भाव में बुध जातक को मिलाजुला फल प्रदान करता है।
सप्तम भाव में होने पर व्यक्ति कलाप्रेमी बनता है।
अष्टम भाव में बुध की स्थिति व्यक्ति को राजा की तरह प्रभुता का गुण प्रदान करती है।
नवम भाव में बुध की स्थिति जातक को धनवान बनाती है।
दशम भाव में बुध की स्थिति सही होने पर व्यक्ति माता-पिता की सेवा करने वाला बनता है।
एकादश भाव में स्थिति शुभ होने पर व्यक्ति की रूचि शास्त्रों में होती है।
द्वादश भाव में बुध का शुभ होना व्यक्ति को वचन का पालन करने वाला बनाता है।
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बुध से संबंधित मंत्र
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बुध से संबंधित मंत्र
मंत्र ॐ उद्बुध्यस्वाग्ने प्रति जागृहि त्वमिष्टापूर्ते सं सृजेथामयं च। अस्मिन्त्सधस्थे अध्युत्तरस्मिन् विश्वेदेवा यजमानश्च सीदत ।।
ॐ बुं बुधाय नमः
ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः
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बुध मिथुन और कन्या राशि के स्वामी ग्रह है।
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ज्योतिषियों के मुताबिक 23 मई 2025 को ग्रहों के राजकुमार बुध वृषभ राशि में गोचर करेंगे।
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बुध का राशि परिवर्तन
ज्योतिषियों के मुताबिक 23 मई 2025 को ग्रहों के राजकुमार बुध वृषभ राशि में गोचर करेंगे। इस गोचर से मेष, कर्क, सिंह, कुंभ और मीन राशि वालों को विशेष लाभ की प्राप्ति हो सकती हैं। बुध के प्रभाव से आपको करियर में शुभ परिणाम, बिजनेस में लाभ, शिक्षा में खुशखबरी व अन्य कई लाभ हो सकते हैं। वहीं वृषभ राशि वालों पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। आप सभी कार्यों में सावधानी बरतें।