राहुल गांधी
- फोटो : ANI
राहुल गांधी
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का जन्म 19 जून 1970 को दोपहर 2:45 में दिल्ली में हुआ था जिसके आधार पर उनका जन्म लग्न तुला है और राशि धनु है। जन्म पत्रिका का मुख्य कारक और गवर्निंग प्लैनेट शनि सप्तम भाव में चर राशि में पाया जा रहा है। साथ ही साथ भाग्य अधिपति बुध का अष्टम भाव में होना थोड़ा राजनीतिक दृष्टिकोण से अनुकूल नहीं कहा जा सकता है। ऐसे व्यक्ति को राजनीति में ज्यादा ही संघर्ष करना पड़ता है।
वर्तमान चुनाव की बात करें तो गोचर में जब से वृश्चिक का बृहस्पति आया है तब से राहुल गांधी के लिए सफलता का समय प्रारंभ हुआ है, क्योंकि इनकी जन्मपत्री में सर्वाधिक कारक ग्रह गुरु ही है, जो लग्न में वक्री होकर बैठा है, जो शनि पर दृष्टि नहीं है, इसी कारण कूटनीति और वाक् पटुता का आभाव राहुल गांधी के अंदर दिखाई देता है। यही कारण है कि राजनीति में वह बहुत मजबूत नहीं हो पा रहे हैं।
जब चुनाव प्रारंभ हुआ था, तो गोचर में 6 अप्रैल से 23 अप्रैल 2019 तक बृहस्पति का धनु राशि में होना तथा 28 अप्रैल 2019 तक मंगल का वृषभ राशि में होना राजनीतिक दृष्टिकोण से राहुल गांधी के लिए अच्छा समय नहीं कहा जाएगा। इस दौरान जो भी वोट पड़े होंगे, वह राहुल गांधी के लिए लाभकारी तो नहीं कहे जाएंगे, लेकिन उसके बाद जो वोट पड़े हैं, उसमें राहुल गांधी को सफलता मिली है।
अक्टूबर 2018 के बाद से ही राहुल गांधी की राजनीतिक स्थिति मजबूत होनी प्रारंभ हुई और इस चुनाव में भी पूर्व चुनाव के अपेक्षा उनके नेतृत्व में कांग्रेस की हालत सुधरी है। लेकिन राहुल गांधी की कुंडली में ऐसे मजबूत ग्रह नहीं दिखाई दे रहे हैं, जिन्हें देखकर यह कहा जाए कि वह आगे चलकर के प्रधानमंत्री बनेंगे अथवा अपने बलबूते कांग्रेस को मजबूती से चला सकेंगे। बहरहाल, 2019 के आम चुनाव में राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी को पूर्व की अपेक्षा थोड़ी बहुत अधिक सीटें ही मिलने जा रही हैं और वह कोई बहुत मजबूत पार्टी बनकर उभर पाएगी, इसकी दूर-दूर तक कोई संभावना नहीं नजर आ रही है।