Ketu Gochar 2026: साल 2026 में केतु का प्रभाव भी 12 राशियों पर पड़ने वाला है। वह कुछ राशियों को लाभ, तो कुछ जातकों की मुश्किलें बढ़ा सकते हैं। आइए केतु गोचर के प्रभाव को विस्तार से जानते हैं।
Ketu Gochar 2026: साल 2026 की शुरुआत में केतु का गोचर सिंह राशि में ही रहने वाले है। दिसंबर के महीने की 5 तारीख को केतु का प्रवेश कर्क राशि में होगा। केतु को वैराग्य, रहस्य, पिछला कर्म और अंदर की जागरूकता का ग्रह माना जाता है। इसके प्रभाव से व्यक्ति बाहरी दिखावे से दूर होकर भीतर की सच्चाई की ओर बढ़ता है। केतु का गोचर लोगों को उनकी आध्यात्मिकता, अंतर्ज्ञान और कर्मफल की गहराई से परिचित कराने वाला है। तो आइये जानते है कि साल 2026 में केतु का गोचर आपकी राशि पर क्या प्रभाव डालेगा?
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दिसंबर के बाद मन हल्का लगेगा और घर के मामलों पर ध्यान बढ़ेगा, जिससे भावनात्मक संतुलन लौटेगा।
- फोटो : अमर उजाला
मेष राशि
मेष राशि के जातकों के लिए केतु का गोचर पंचम भाव में होगा। इससे प्रेम, पढ़ाई और बच्चों से जुड़े मामलों में मन थोड़ा उलझा रह सकता है और एकाग्रता कम महसूस हो सकती है। कुछ कामों में दिल नहीं लगेगा, लेकिन भीतर से समझ बढ़ेगी। केतु की पंचम दृष्टि नवम भाव पर पड़ने से किस्मत और विश्वास से जुड़ी सोच बदलेगी और आप पुराने विचारों पर सवाल करने लगेंगे। सप्तम दृष्टि एकादश भाव पर होने से दोस्ती और कमाई से जुड़े विषयों में छँटनी जैसी स्थिति बन सकती है, यानी कुछ लोग दूर हो सकते हैं पर सही लोग पास रहेंगे। नवम दृष्टि लग्न भाव पर पड़ने से स्वभाव में सादगी आएगी और दिखावे से दूरी बनेगी। दिसंबर के बाद मन हल्का लगेगा और घर के मामलों पर ध्यान बढ़ेगा, जिससे भावनात्मक संतुलन लौटेगा।
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ध्यान, प्रार्थना या शांति से जुड़ी आदतें अपनाने से मन हल्का रहेगा और आप भीतर से मजबूत महसूस करेंगे।
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वृष राशि
वृष राशि के जातकों के लिए केतु का गोचर चतुर्थ भाव में होगा। इससे घर, माता और मन की शांति से जुड़ी बातें ज़्यादा सामने आएँगी और कई बार आप अकेलापन महसूस कर सकते हैं। घर बदलने, मरम्मत या संपत्ति से जुड़े विचार बन सकते हैं। केतु की पंचम दृष्टि अष्टम भाव पर पड़ने से अचानक बदलाव और पुरानी बातें उभर सकती हैं, इसलिए जोखिम से बचें और किसी राज़ पर ज़्यादा भरोसा न करें। सप्तम दृष्टि दशम भाव पर होने से करियर में दिशा बदलने की इच्छा जाग सकती है, पर कोई भी बड़ा फैसला सोच-समझकर लें। नवम दृष्टि द्वादश भाव पर पड़ने से खर्च, नींद और अकेलेपन पर ध्यान देना होगा। दिसंबर के बाद मानसिक दबाव कम होगा और घर का माहौल संभलेगा। ध्यान, प्रार्थना या शांति से जुड़ी आदतें अपनाने से मन हल्का रहेगा और आप भीतर से मजबूत महसूस करेंगे।
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मिथुन राशि के जातकों के लिए केतु का गोचर तृतीय भाव में होगा।
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मिथुन राशि
मिथुन राशि के जातकों के लिए केतु का गोचर तृतीय भाव में होगा। इसका असर आपके रोज़मर्रा के काम, बातचीत और सोच पर दिखेगा। कभी मन करेगा कि सब छोड़कर चुपचाप रहें, तो कभी काम में तेजी आएगी। भाई-बहनों से जुड़ी कोई पुरानी बात फिर सामने आ सकती है और उसे सुलझाने का मौका मिलेगा। केतु की पंचम दृष्टि सप्तम भाव पर पड़ने से रिश्तों में दूरी महसूस हो सकती है, इसलिए बात दिल में रखने के बजाय बोल देना बेहतर रहेगा। सप्तम दृष्टि नवम भाव पर होने से जीवन को देखने का नजरिया बदलेगा और पुराने फैसलों पर दोबारा सोचना पड़ेगा। नवम दृष्टि एकादश भाव पर पड़ने से दोस्त बदल सकते हैं और कमाई के तरीके में भी फर्क आ सकता है। दिसंबर के बाद मन थोड़ा शांत होगा और काम साफ़ तरीके से होने लगेंगे।
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नवम दृष्टि दशम भाव पर पड़ने से काम के बारे में सोच बदलेगी और आप धीरे-धीरे सही दिशा चुनेंगे।
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कर्क राशि
कर्क राशि के जातकों के लिए केतु का गोचर द्वितीय भाव में होगा। इससे पैसा, परिवार और बोलचाल पर सीधा असर दिखेगा। आप कम बोलना पसंद करेंगे और फालतू खर्च से बचने की सोच बनेगी। घर में पैसों को लेकर चर्चा बढ़ सकती है, पर स्थिति काबू में रहेगी। केतु की पंचम दृष्टि षष्ठ भाव पर पड़ने से काम की जगह जिम्मेदारियाँ बढ़ेंगी और सेहत का ध्यान रखना होगा। सप्तम दृष्टि अष्टम भाव पर होने से पुराने डर या दबे मसले सामने आ सकते हैं, इसलिए किसी भी कागज़ को ध्यान से पढ़ें। नवम दृष्टि दशम भाव पर पड़ने से काम के बारे में सोच बदलेगी और आप धीरे-धीरे सही दिशा चुनेंगे। दिसंबर के बाद मन हल्का होगा और घर का माहौल सुधरेगा। धैर्य रखें और बात साफ रखें।
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नवम दृष्टि नवम भाव पर पड़ने से आपके विचार और विश्वास बदल सकते हैं
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सिंह राशि
सिंह राशि के जातकों के लिए केतु का गोचर लग्न भाव में होगा। इससे आपकी सोच बदलने लगेगी और आप अपने जीवन को नए नज़रिए से देखने लगेंगे। दिखावे से दूरी बढ़ेगी और सादगी पसंद आने लगेगी। केतु की पंचम दृष्टि पंचम भाव पर पड़ने से बच्चों, पढ़ाई और प्रेम के मामलों में मन थोड़ा उदास रह सकता है, इसलिए खुलकर बातचीत ज़रूरी रहेगी। सप्तम दृष्टि सप्तम भाव पर होने से रिश्तों में गलतफहमी की स्थिति बन सकती है, पर शांत रहकर बात करने से हल निकल आएगा। नवम दृष्टि नवम भाव पर पड़ने से आपके विचार और विश्वास बदल सकते हैं और आप पुराने रास्तों पर सवाल उठाएँगे। यह समय खुद को समझने और शांत रहने का है। आप अपने तरीके से आगे बढ़ते नज़र आएंगे।
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धीरे-धीरे हालात समझ में आएँगे और मन भी संभलने लगेगा।
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कन्या राशि
कन्या राशि के जातकों के लिए केतु का गोचर द्वादश भाव में होगा। इससे खर्च, नींद और मन की स्थिति पर असर दिखेगा। कई बार बिना वजह चिंता हो सकती है और अकेले रहना अच्छा लग सकता है। दूर की जगहों से जुड़ा काम या पुरानी यादें भी ध्यान खींचेंगी। केतु की पंचम दृष्टि चतुर्थ भाव पर पड़ने से घर के मामलों में उलझन आ सकती है, इसलिए परिवार से खुलकर बात करें। सप्तम दृष्टि षष्ठ भाव पर होने से काम की जगह जिम्मेदारी बढ़ेगी और सेहत पर ध्यान देना जरूरी होगा। नवम दृष्टि अष्टम भाव पर पड़ने से पुराने रुके काम या दबे विषय सामने आ सकते हैं। घबराने के बजाय शांत रहना बेहतर होगा। दिसंबर के बाद परिवार और भावनाओं से जुड़ी बातें बढ़ेंगी। धीरे-धीरे हालात समझ में आएँगे और मन भी संभलने लगेगा।
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यह समय दिखावे से दूर रहकर सही लोगों को पहचानने का है। धीरे सुधार आए।
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तुला राशि
तुला राशि के जातकों के लिए केतु का गोचर एकादश भाव में होगा। इससे दोस्तों, आमदनी और आगे की योजनाओं पर असर दिखेगा। कुछ पुराने संपर्क टूट सकते हैं और कुछ नए लोग जीवन में आ सकते हैं। केतु की पंचम दृष्टि तृतीय भाव पर पड़ने से बातचीत और छोटे काम करने का तरीका बदलेगा, इसलिए जल्दबाज़ी से बचें। सप्तम दृष्टि पंचम भाव पर होने से प्रेम, पढ़ाई या बच्चों से जुड़ी बातों में ठंडापन आ सकता है, पर समझदारी से बात करने पर स्थिति संभल जाएगी। नवम दृष्टि सप्तम भाव पर पड़ने से रिश्तों और साझेदारी में साफ बोलना जरूरी होगा, ताकि गलतफहमी न बने। खर्चों में संतुलन रखें और आसान लक्ष्य तय करें। यह समय दिखावे से दूर रहकर सही लोगों को पहचानने का है। धीरे सुधार आए।
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दिसंबर के बाद सोच में नरमी आएगी और काम को नए तरीके से देखने का मन बनेगा। धैर्य रखें, धीरे चीजें स्पष्ट होंगी और रास्ता दिखने लगेगा।
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वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि के जातकों के लिए केतु का गोचर दशम भाव में होगा। इससे कामकाज और आपकी छवि को लेकर सोच बदलेगी। कई बार मन करेगा कि जो चल रहा है उसे छोड़कर कुछ नया किया जाए, पर हर कदम सोचकर उठाएँ। केतु की पंचम दृष्टि द्वितीय भाव पर पड़ने से पैसे और परिवार से जुड़े फैसलों में सतर्क रहना होगा और बोलचाल में संयम जरूरी रहेगा। सप्तम दृष्टि चतुर्थ भाव पर होने से घर के माहौल में उतार-चढ़ाव आ सकता है, इसलिए शांति से बात करें। नवम दृष्टि षष्ठ भाव पर पड़ने से काम का दबाव बढ़ सकता है, पर आप हालात संभाल लेंगे। दिसंबर के बाद सोच में नरमी आएगी और काम को नए तरीके से देखने का मन बनेगा। धैर्य रखें, धीरे चीजें स्पष्ट होंगी और रास्ता दिखने लगेगा।
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दिसंबर के बाद घर और भावनाओं पर ज़्यादा ध्यान जाएगा। यह समय भीतर की सफ़ाई का है, इसलिए धैर्य रखें और खुद को समय दें, चीज़ें धीरे साफ होंगी।
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धनु राशि
धनु राशि के जातकों के लिए केतु का गोचर नवम भाव में होगा। इससे किस्मत, विश्वास और सीखने से जुड़ी बातें बदलती दिखेंगी। पुराने विचारों पर सवाल उठेंगे और जीवन को नए नज़रिए से देखने का मन बनेगा। केतु की पंचम दृष्टि लग्न भाव पर पड़ने से स्वभाव में सादगी आएगी और दिखावे से दूरी रहेगी। सप्तम दृष्टि तृतीय भाव पर होने से बातचीत कम ज़रूरी लेकिन साफ़ रहेगी और छोटे काम सोच-समझकर होंगे। नवम दृष्टि पंचम भाव पर पड़ने से पढ़ाई, प्रेम और बच्चों से जुड़े मामलों में मन पहले जैसा नहीं लगेगा, इसलिए ज़बरदस्ती के फैसले टालें। दिसंबर के बाद घर और भावनाओं पर ज़्यादा ध्यान जाएगा। यह समय भीतर की सफ़ाई का है, इसलिए धैर्य रखें और खुद को समय दें, चीज़ें धीरे साफ होंगी।
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दिसंबर के बाद स्थिति कुछ आसान होगी और आप हल्का महसूस करेंगे। धैर्य, सादगी और सही सलाह से यह समय निकल जाएगा और आप खुद को पहले से मजबूत पाएँगे।
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मकर राशि
मकर राशि के जातकों के लिए केतु का गोचर अष्टम भाव में होगा। इससे अचानक बदलाव, पुराने डर और अंदर की उलझनें सामने आ सकती हैं। कभी-कभी मन भारी लगेगा, पर यही समय भीतर की सफ़ाई का भी है। केतु की पंचम दृष्टि द्वादश भाव पर पड़ने से नींद और खर्च पर ध्यान देना होगा, इसलिए दिनचर्या संभालकर रखें। सप्तम दृष्टि द्वितीय भाव पर होने से पैसे और परिवार को लेकर बात सोचकर करें, वरना गलतफहमी हो सकती है। नवम दृष्टि चतुर्थ भाव पर पड़ने से घर और मन की शांति पर असर पड़ेगा, इसलिए परिवार से खुलकर बात करें। दिसंबर के बाद स्थिति कुछ आसान होगी और आप हल्का महसूस करेंगे। धैर्य, सादगी और सही सलाह से यह समय निकल जाएगा और आप खुद को पहले से मजबूत पाएँगे।
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भरोसेमंद लोगों को चुनने और खुद को बदलने का है। धीरे-धीरे जीवन सरल लगेगा और आप हल्का महसूस करेंगे।
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कुम्भ राशि
कुंभ राशि के जातकों के लिए केतु का गोचर सप्तम भाव में होगा। इससे रिश्तों, शादी और साझेदारी से जुड़ी बातें अधिक सोचने पर मजबूर करेंगी। कभी पास आने की चाह होगी, तो कभी दूरी ठीक लगेगी। केतु की पंचम दृष्टि एकादश भाव पर पड़ने से दोस्तों और आमदनी को लेकर छँटनी जैसी स्थिति बन सकती है और आप सही लोगों को पहचान पाएँगे। सप्तम दृष्टि लग्न भाव पर होने से आपकी सोच और व्यवहार बदल सकते हैं और आप कम बोलने लगेंगे। नवम दृष्टि तृतीय भाव पर पड़ने से बातचीत, लिखने-पढ़ने और छोटे कामों में मन कम लग सकता है, इसलिए धैर्य रखें। दिसंबर के बाद परिवार और मन से जुड़ी बातें साफ होंगी। यह समय अपने रिश्ते समझने, भरोसेमंद लोगों को चुनने और खुद को बदलने का है। धीरे-धीरे जीवन सरल लगेगा और आप हल्का महसूस करेंगे।
मीन राशि के जातकों के लिए केतु का गोचर षष्ठ भाव में होगा। इससे कामकाज, रोजमर्रा की भागदौड़ और सेहत पर असर दिखेगा।
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मीन राशि
मीन राशि के जातकों के लिए केतु का गोचर षष्ठ भाव में होगा। इससे कामकाज, रोजमर्रा की भागदौड़ और सेहत पर असर दिखेगा। कुछ जिम्मेदारियाँ बढ़ सकती हैं, पर आप उन्हें संभाल भी लेंगे। केतु की पंचम दृष्टि दशम भाव पर पड़ने से काम को लेकर मन में बदलाव आएगा और आप पुराने तरीके छोड़ने का सोचेंगे। सप्तम दृष्टि द्वादश भाव पर होने से खर्च और नींद पर ध्यान देना होगा, इसलिए पैसे और समय दोनों संभालकर चलें। नवम दृष्टि द्वितीय भाव पर पड़ने से परिवार और बोलचाल में सादगी आएगी और आप कम बोलना पसंद करेंगे। साल के अंत में केतु कर्क में जाने पर ध्यान घर और भावनाओं की ओर जाएगा। धीरे-धीरे तनाव कम होगा और काम की दिशा साफ लगेगी। धैर्य रखें, हर सुधार आपको मजबूत बनाएगा।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।