Ketu Nakshatra Transit 2026: वैदिक ज्योतिष में केतु को रहस्य, आध्यात्मिकता, शोध और वैराग्य से जुड़ा ग्रह माना जाता है। नवंबर के आखिर में केतु के नक्षत्र परिवर्तन का समय आ रहा है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार 25 नवंबर 2026 को केतु आश्लेषा नक्षत्र के चौथे पद में प्रवेश करेंगे। यह परिवर्तन शाम करीब 4 बजकर 34 मिनट पर होगा। आश्लेषा नक्षत्र का संबंध बुध ग्रह से माना जाता है। इसलिए ज्योतिषीय मान्यताओं में केतु का यहां पहुंचना बुद्धि, रणनीति, शोध, तकनीक और गुप्त विषयों से जुड़े मामलों को प्रभावित करने वाला माना जाता है। इस बदलाव का असर सभी राशियों पर अलग-अलग तरीकों से देखा जा सकता है। खास तौर पर कुछ राशि वालों के लिए करियर और आर्थिक मामलों में नए अवसर बनने की संभावना है। आइए जानते हैं कौन सी हैं वो राशियां।