हिंदू पंचांग में करवा चौथ का व्रत दांपत्य जीवन की सुख-समृद्धि से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। इस अवसर पर विवाहित महिलाएं अपने जीवनसाथी की दीर्घायु, रिश्ते की मजबूती और परिवार की मंगलकामना के लिए दिनभर उपवास रखती हैं। परंपरा के अनुसार, कार्तिक महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि पर यह व्रत रखा जाता है। महिलाएं इस दिन भगवान शिव, माता पार्वती और प्रथम पूज्य गणेश जी का पूजन करती हैं। रात में चंद्रदेव के दर्शन करने और उन्हें अर्घ्य अर्पित करने के बाद व्रत खोला जाता है।
धार्मिक और ज्योतिषीय परंपराओं में करवा चौथ को पति-पत्नी के बीच प्रेम और समर्पण का प्रतीक माना गया है। इस दिन कुछ विशेष उपाय करने की भी मान्यता है। कहा जाता है कि पूजा-अर्चना, मंत्र स्मरण और जरूरतमंदों को दान देने जैसे कार्यों से वैवाहिक जीवन में सुख-शांति की कामना की जा सकती है। आइए जानते हैं करवा चौथ पर किए जाने वाले कुछ पारंपरिक उपाय।