सरगी की परंपरा
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सरगी की परंपरा
करवा चौथ व्रत का आरंभ सूर्योदय से पहले सरगी खाने से होता है। इसे सास अपनी बहू के लिए तैयार करती हैं। इसमें फल, मेवे, मिठाई और पराठे शामिल होते हैं, जिससे पूरे दिन निर्जला व्रत रखने की शक्ति मिलती है। सरगी के बाद पूरे दिन निर्जला उपवास रखा जाता है और रात को चंद्रोदय के बाद महिलाएं करवे (मिट्टी के पात्र) से जल अर्पित कर व्रत खोलती हैं।
इस साल व्रत का समय
सुबह 06:19 से रात 08:13 तक (अवधि 13 घंटे 54 मिनट)
चंद्रोदय का समय: रात 08:13 बजे