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Kanya Pujan Niyam: कन्या पूजन करते समय रखें इन जरूरी नियमों का ध्यान, अधूरी रह सकती है नौ दिनों की उपासना

Wed, 25 Mar 2026 12:53 PM IST
Jyoti Mehra धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

Chaitra navratri 2026 Kanya Pujan: चैकन्या पूजन के समय कुछ जरूरी नियमों का पालन करना बेहद आवश्यक होता है, क्योंकि छोटी-सी चूक से व्रत का पूर्ण फल नहीं मिल पाता। आइए जानते हैं कन्या पूजन करते समय किन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
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कन्या पूजन के नियम - फोटो : Amar Ujala
Chaitra navratri 2026 Kanya Pujan Niyam: चैत्र नवरात्रि का आरंभ 19 मार्च से हो चुका है और 27 मार्च को नवमी के साथ इसके समापन होगा। इन नौ दिनों में मां दुर्गा के विभिन्न रूपों की श्रद्धा से पूजा की जाती है। नवरात्रि की अष्टमी और नवमी तिथि पर कन्या पूजन का विशेष महत्व होता है। इस दिन नौ कन्याओं और एक बालक को भोजन कराकर उनका पूजन किया जाता है, जिसे देवी पूजन का अहम हिस्सा माना जाता है। हालांकि, इस दौरान कुछ जरूरी नियमों का पालन करना बेहद आवश्यक होता है, क्योंकि छोटी-सी चूक से व्रत का पूर्ण फल नहीं मिल पाता। आइए जानते हैं कन्या पूजन करते समय किन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

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स्वच्छ स्थान का रखें ध्यान - फोटो : freepik
स्वच्छ स्थान का रखें ध्यान
कन्या पूजन में सबसे पहले स्थान की साफ-सफाई का विशेष महत्व होता है। जहां कन्याओं को बैठाकर भोजन कराया जाए, वह स्थान पूरी तरह स्वच्छ होना चाहिए। साथ ही भोजन से पहले उनके चरण धोना शुभ माना जाता है, जिससे पूजा का पुण्य बढ़ता है।

सात्विक भोजन कराएं
कन्या पूजन में हमेशा सात्विक भोजन ही परोसा जाना चाहिए। इसमें प्याज, लहसुन या किसी भी प्रकार के तामसिक तत्वों का उपयोग नहीं किया जाता। आमतौर पर हलवा, पूरी, काले चने और सब्जी का प्रसाद तैयार कर कन्याओं और बालक को खिलाया जाता है, जिससे पूजा का महत्व बढ़ता है।
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सम्मान और धैर्य बनाए रखें - फोटो : adobe stock
सम्मान और धैर्य बनाए रखें
छोटे बच्चों के स्वभाव में चंचलता होना स्वाभाविक है, लेकिन पूजन के दौरान उनके साथ हमेशा प्रेम और धैर्य से पेश आएं। किसी भी तरह का अपमान, गुस्सा या कठोर व्यवहार पूजा के फल को प्रभावित कर सकता है। इसलिए पूरे समय आदर और शांति बनाए रखना जरूरी है।

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काले वस्त्रों से करें परहेज - फोटो : adobe stock
काले वस्त्रों से करें परहेज
कन्या पूजन में काले रंग के कपड़े पहनना या उपहार में देना शुभ नहीं माना जाता। माना जाता है कि काला रंग नकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक होता है, इसलिए इसे पूजा-पाठ में शामिल करने से बचना चाहिए।
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दक्षिणा देना न भूलें - फोटो : adobe stock
दक्षिणा देना न भूलें
कन्या पूजन के अंत में दक्षिणा देना अनिवार्य माना गया है। यह केवल परंपरा नहीं, बल्कि कन्याओं के प्रति सम्मान और कृतज्ञता का प्रतीक है। आप दक्षिणा के साथ उन्हें छोटे-छोटे उपहार देकर भी प्रसन्न कर सकते हैं।



डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। 
 
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