Kalsarp Yog 2026: ज्योतिष शास्त्र में राहु और केतु को अशुभ प्रभाव वाले ग्रहों में गिना जाता है। वर्तमान समय में राहु कुंभ राशि में स्थित है, जबकि केतु सिंह राशि में विराजमान है। जब किसी व्यक्ति की कुंडली में सभी ग्रह इन दोनों छाया ग्रहों के बीच आ जाते हैं, तब एक विशेष योग बनता है, जिसे कालसर्प योग कहा जाता है। यह योग जीवन में कई प्रकार की चुनौतियां और उतार-चढ़ाव लेकर आता है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, 18 जुलाई 2026 तक इस योग का प्रभाव बना रहेगा। 19 जुलाई को जैसे ही चंद्रमा कन्या राशि में प्रवेश करेगा, यह योग समाप्त हो जाएगा। हालांकि, इस अवधि के दौरान कुछ राशियों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है, क्योंकि यह समय उनके लिए कठिन परीक्षा जैसा हो सकता है।