Guru Gochar 2026: ज्योतिष में देवगुरु बृहस्पति का विशेष महत्व होता है। गुरु ज्ञान, धन, विस्तार, संतान, विवाह, धर्म, मान-सम्मान, शिक्षा और भाग्य के कारक ग्रह होते हैं। देवगुरु बृहस्पति करीब 12 से 13 महीनों तक एक राशि में रहते हैं, फिर इसके बाद दूसरी राशि में परिवर्तन करते हैं। आपको बता दें कि देवगुरु बृहस्पति अभी कर्क राशि में हैं जो इनकी उच्च राशि होती है। 31 अक्टूबर को ये कर्क राशि से निकलकर सिंह राशि में प्रवेश करेंगे। गुरु का अपनी उच्च राशि से निकलकर सिंह राशि में जाने से आत्मविश्वास, नेतृत्व, प्रतिष्ठा और मान-सम्मान पर प्रभाव पड़ेगा। गुरु के सिंह राशि में गोचर करने से कुछ राशि वालों के लिए विशेष लाभकारी साबित हो सकता है।