ज्योतिष शास्त्र में गुरु को बहुत ही शुभ फलदायी ग्रह माना जाता है। कुंडली में जिसका गुरु मजबूत होता है वह व्यक्ति सफलता प्राप्त करता है। 10 अक्टूबर यानि मंगलवार को सुबह 6 बजकर 28 मिनट पर गुरु ने अपनी चाल को बदल कर अस्त हो गए है जो 28 दिनों तक अस्त रहेंगे। गुरु दोबारा 7 नवंबर को उदय होंगे। आइए जानते है क्या होगा इसका असर।
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गुरु के अस्त होने के कारण इस अवधि में शुभ कार्य नहीं हो सकेंगे। इसके अलावा गृह प्रवेश, मुंडन आदि शुभ कार्य भी नहीं हो सकेंगे।
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ज्योतिष के अनुसार गुरु की स्थिति में बदलाव होने के कारण इसका असर महिलाओं पर ज्यादा असर पड़ेगा। इसलिए गुरु को खुश करने के लिए कुछ उपाय करना चाहिए।
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गुरु को पीला रंग अर्पित करने से वह प्रसन्न होते हैं यदि किसी की कुंडली कमजोर है तो हल्दी की गांठ को पीले कपड़े में बांधकर गले में पहनना चाहिए।
मुहूर्त मार्तंड ग्रंथ में लिखा है कि गर्भाधान से लेकर अन्नप्राशन तक ये सात संस्कार एवं श्रावणी उपाक्रम नित्य यात्रा गुरु अस्त के समय में कर सकते हैं। इन संस्कारों के करने पर गुरु अस्त का दोष नहीं लगता है।