ज्योतिष शास्त्र में देव गुरु बृहस्पति एक महत्वपूर्ण ग्रह है। इन्हें संतान, ज्ञान, गुरु, धर्म, शिक्षा, विवाह आदि का कारक माना जाता है। गुरु की चाल का प्रभाव सभी राशियों पर शुभ-अशुभ रूप से पड़ता है। गुरु का परिवर्तन सभी प्राणियों के कार्य-व्यापार में हानि-लाभ के अतिरिक्त शासन सत्ता और न्यायिक प्रक्रिया को भी प्रभावित करता है।
देवगुरु बृहस्पति 05 अप्रैल 2021 की मध्यरात्रि अपनी नीच राशि मकर से कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे। इस राशि पर 13 सितंबर तक रहने के बाद वक्री अवस्था में पुनः मकर राशि में प्रवेश कर जाएंगे, जहां 20 नवंबर 2021 तक रहेंगे। उसके बाद पुनः मार्गी अवस्था में कुंभ राशि में प्रवेश कर जाएंगे। आइए जानते हैं गुरु के राशि परिवर्तन का सभी राशियों पर प्रभाव-