देवगुरु बृहस्पति अभी मेष राशि की यात्रा पर हैं। आपको बता दें कि गुरु इस वर्ष ही अपनी राशि बदली थी। बीते 22 अप्रैल 2023 को गुरु अपनी स्वराशि मीन राशि से निकलकर अपने मित्र ग्रह मंगल की राशि मेष में प्रवेश किया था और तभी से यह इसी में हैं। वहीं गुरु के मेष राशि में आने से पहले से इसी राशि में मौजूद राहु संग संयोग बना हुआ है जिससे गुरु-चांडाल दोष पैदा हुआ है और अब देवगुरु बृहस्पति 4 सितंबर 2023 को शाम के करीब 5 बजे वक्री अवस्था में आ जाएंगे। फिर ये 31 दिसंबर 2023 को सुबह वक्री अवस्था से बाहर आ जाएंगे। गुरु के 4 सितंबर 2023 को वक्री होने पर कुछ राशि के जातकों पर इसका शुभ प्रभाव देखने को मिल सकता है।