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Guru Vakri 2023: सितंबर में गुरु की वक्री चाल से इन राशि वालों की खुलेगी किस्मत, अचानक धन लाभ और तरक्की के योग

Tue, 01 Aug 2023 07:42 AM IST
विनोद शुक्ला ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
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guru vakri 2023:वैदिक ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं के अनुसार गुरु की द्दष्टि सभी ग्रहों में सबसे शुभ और फलदायी माने जाने वाली होती है। - फोटो : अमर उजाला
वैदिक ज्योतिशास्त्र में गुरु ग्रह का विशेष स्थान होता है। देवगुरु बृहस्पति शुभ फल देने वाले ग्रह माने जाते हैं। गुरु ग्रह का राशि परिवर्तन काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। गुरु एक राशि से दूसरी राशि में जाने के लिए करीब 13 महीनों तक समय लगाते हैं। वैदिक ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं के अनुसार गुरु की द्दष्टि सभी ग्रहों में सबसे शुभ और फलदायी माने जाने वाली होती है। गुरु की द्दष्टि अमृत के समान होती है क्योंकि यह जिस भावों में अपनी द्दष्टि डालते हैं उस भाव में शुभ वृद्दि हो जाती है। 
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- फोटो : अमर उजाला
देवगुरु बृहस्पति अभी मेष राशि की यात्रा पर हैं। आपको बता दें कि गुरु इस वर्ष ही अपनी राशि बदली थी। बीते 22 अप्रैल 2023 को गुरु अपनी स्वराशि मीन राशि से निकलकर अपने मित्र ग्रह मंगल की राशि मेष में प्रवेश किया था और तभी से यह इसी में हैं। वहीं गुरु के मेष राशि में आने से पहले से इसी राशि में मौजूद राहु संग संयोग बना हुआ है जिससे गुरु-चांडाल दोष पैदा हुआ है और अब देवगुरु बृहस्पति 4 सितंबर 2023 को शाम के करीब 5 बजे वक्री अवस्था में आ जाएंगे। फिर ये 31 दिसंबर 2023 को सुबह वक्री अवस्था से बाहर आ जाएंगे। गुरु के 4 सितंबर 2023 को वक्री होने पर कुछ राशि के जातकों पर इसका शुभ प्रभाव देखने को मिल सकता है। 
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rashi - फोटो : अमर उजाला
मेष राशि
मेष राशि के लोगों को गुरु का वक्री होना उनके जीवन में किसी तरह से चमत्कार से कम नहीं है। गुरु का वक्री होना मेष राशि के जातकों के लिए बहुत ही लाभकारी और शुभ परिवर्तन लाने वाला संयोग होगा। देवगुरु बृहस्पति आपकी राशि के लग्न भाव में वक्री होने वाले हैं। ऐसे में आपको किस्मत का साथ पूरा मिलेगा। आपका रुके हुए काम जल्द ही पूरे होंगे। करियर और कारोबार में आपको अच्छा लाभ होगा। इस दौरान आपको अच्छा खासा धन लाभ होने के संकेत हैं जिससे आपकी आर्थिक स्थिति पहले के मुकाबले बेहतर होगी। नौकरीपेशा जातकों के लिए नई नौकरी की तलाश अब पूरी होंगी। धर्म-कर्म में आपकी रुचि पहले से ज्यादा होगी। 

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rashi - फोटो : अमर उजाला
मिथुन राशि 
मिथुन राशि के जातकों के लिए गुरु सातवें और दशवें भाव के स्वामी होते हैं और गुरु आपकी कुंडली के आय के भाव में वक्री होने जा रहे हैं। ऐसे में आपकी अच्छी इनकम होने की संभावना है। कार्यक्षेत्र में आपको दबदबा बढ़ेगा। अचानक से आपको धन लाभ हो सकता है जिससे आप जीवन की कुछ लग्जरी चीजों की खरीदारी कर सकते हैं। वैवाहिक जीवन के लिए गुरु का वक्री होना किसी वरदान से कम नहीं है। इस दौरान कुछ ऐसे संयोग बनेगे जिससे आप कोई नई प्रापर्टी की खरीदारी कर सकते हैं। 
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rashi - फोटो : अमर उजाला
कर्क राशि 
आपकी के लिए सितंबर का महीना बहुत ही शुभ साबित होने जा रहा है। कर्क राशि के जातकों के लिए गुरु का वक्री होना किसी वरदान से कम नहीं है। गुरु की चाल में यह बदलाव आपकी कुंडली के दसवें भाव में होगा। जिससे आपके करियर और कारोबार में वृद्धि देखने को मिलेगी। गुरु के वक्री होने से कर्क राशि के जातकों का मान-सम्मान बढ़ेगा। व्यापार में अच्छा खासा मुनाफा देखने को मिलेगा। करियर में तरक्की के अच्छे संकेत है। रूका हुआ धन मिलने से आपको बहुत ज्यादा खुशी होगी। जो जातक बेरोजगार उनके लिए गुरु का वक्री होना किसी वरदान से कम नहीं है। नौकरी की प्राप्ति की अच्छी संभावना है। 

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