Guru Gochar 2025: शनि के बाद अब देवताओं के गुरु बृहस्पति राशि परिवर्तन करने वाले हैं। ज्योतिष में देवगुरु बृहस्पति का शुक्र ग्रह माना जाता है। यह धनु और मीन राशि के स्वामी होते हैं। पंचांग के अनुसार 14 मई 2025 को देवगुरु बृहस्पति वृषभ राशि से मिथुन राशि में प्रवेश कर जाएंगे।। देवगुरु बृहस्पति का साल 2025 में मिथुन राशि में गोचर करना ज्योतिषीय नजरिए से बहुत ही महत्वपूर्ण होने वाला होगा, क्योंकि गुरु यहां से अतिचारी हो जाएंगे यानी गुरु की चाल में तेजी आ आएगी। गुरु के एक वर्ष बाद गोचर करने से देश-दुनिया के साथ-साथ सभी 12 राशियों के जातकों पर इसका विशेष प्रभाव पड़ेगा। गुरु के गोचर करने से करियर-कारोबा, वैवाहिक जीवन, विवाह और सामाजिक पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि देखने को मिल सकती है।
वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार गुरु एक वर्ष में राशि परिवर्तन करते है। इस प्रकार से पूरी राशिचक्र का एक चक्कर लगाने में गुरु को 12 वर्ष का समय लग जाता है। ऐसे में एक राशि में दोबारा आने के लिए गुरु को लगभग 12 साल का समय लग जाता है। आपको बता दें कि इस बार जब गुरु मिथुन राशि में आएंगे तो अतिचारी हो जाएंगे। जिस कारण इनकी चाल में तेजी आएगी और करीब 6 महीनों तक गुरु मिथुन राशि में रहेंगे और फिर अक्तूब मे कर्क राशि में प्रवेश कर जाएंगे। गुरु कर्क राशि में उच्च के होते हैं जिस कारण से कई शुभ भाव में गुरु की द्दष्टि रहेंगी। गुरु के 14 मई को गोचर करने से कुछ राशि वालों के लिए आने वाला समय बहुत ही शुभ साबित हो सकता है। आइए जानते हैं गुरु के मिथुन राशि में गोचर करने के कारण किन-किन राशि वालों के अच्छे दिन शुरू हो सकते हैं।