Vipreet Rajyog 2026: वैदिक ज्योतिष में देवगुरु बृहस्पति को ज्ञान, धन, सुख, संतान और सौभाग्य का कारक ग्रह माना जाता है। गुरु जब राशि परिवर्तन करते हैं, तो इसका प्रभाव सभी 12 राशियों के जातकों के जीवन में अलग-अलग रूप से देखने को मिलता है। वर्तमान समय में बृहस्पति अपनी उच्च राशि कर्क में विराजमान हैं। इस स्थिति में कुछ राशियों के लिए हंस राजयोग के साथ-साथ विशेष भावों में विपरीत राजयोग का निर्माण हो रहा है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इस योग के प्रभाव से कुछ लोगों को अटके काम पूरे होने, आर्थिक लाभ और मनोकामनाओं की पूर्ति के अवसर मिल सकते हैं। यह फलादेश चंद्र राशि के आधार पर बताया जा रहा है।
देवगुरु बृहस्पति ने 2 जून 2026 को कर्क राशि में प्रवेश किया था और वह 31 अक्तूबर 2026 तक इसी राशि में रहेंगे। इस दौरान उनकी स्थिति कुंडली के छठे, आठवें और बारहवें भाव से बनने वाले विपरीत राजयोग को प्रभावित कर रही है। आइए जानते हैं किन राशियों के लिए यह समय खास हो सकता है।