Jupiter Transit in Mithun Rashi: साल 2025 ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद खास माना गया है। इसका कारण है शनि, गुरु और राहु-केतु का राशि परिवर्तन। दरअसल, यह सभी ग्रह एक लंबे समय के बाद राशि परिवर्तन करते हैं और यह संयोग इस वर्ष बना हुआ है। आपको बता दें, 29 मार्च 2025 के दिन न्याय के कारक शनि ने कुंभ से निकलकर मीन राशि में प्रवेश किया था। यह साल का सबसे पहला और बड़ा गोचर रहा है। अब इसके बाद 14 मई 2025 को रात 11 बजकर 20 मिनट पर गुरु वृषभ से मिथुन राशि में गोचर करेंगे। यह शनि के बाद दूसरा सबसे अहम गोचर है, जिसका खास प्रभाव देश-दुनिया सहित व्यक्ति के निजी जीवन पर दिखाई देगा।
ज्योतिष में गुरु को वाणी, शिक्षा, संतान, विवाह और करियर का कारक ग्रह माना जाता है, उनके प्रभाव से व्यक्ति को वैवाहिक सुख और जीवन में सफलता प्राप्त होती हैं। गुरु एक राशि में लगभग 13 महीने तक विराजमान रहते हैं। ऐसे में गुरु के इस गोचर का संयोग लगभग साल भर के बाद बना है। आइए इसका 12 राशियों पर प्रभाव जानते है।