Guru Gochar 2025: वैदिक ज्योतिष शास्त्र में देवगुरु बृहस्पति को शुभ और बहुत ही लाभकारी ग्रह माना जाता है। यह लगभग 13 महीनों के अंतराल पर राशि परिवर्तन करते हैं, जिसके बाद एक राशि से निकलकर दूसरी राशि में गोचर करते हैं। देवगुरु बृहस्पति बीते 19 अक्टूबर को दोपहर 12 बजकर 57 मिनट पर कर्क राशि में प्रवेश कर चुके हैं। कर्क राशि के स्वामी ग्रह चंद्रदेव होते हैं और गुरु की चंद्रदेव के साथ मित्रता का भाव होता है। इसके अलावा गुरु कर्क राशि में उच्च के होते हैं। गुरु 3 दिसंबर तक इसी राशि में रहेंगे, फिर इसके बाद वक्री अवस्था में मिथुन राशि में प्रवेश कर जाएंगे। आपको बता दें कि गुरु साल 2025 में दो बार गोचर करेंगे, दरअसल देवगुरु बृहस्पति के अतिचारी होने के कारण साल में दो बार राशि बदलेंगे। अतिचारी का मतलब गुरु अपनी सामान्य गति से तेज चलने के कारण दो बार राशि परिवर्तन करेंगे। आपको बता दें गुरु अभी मार्गी होकर संचरण कर रहे हैं और ये 12 नवंबर को वक्री हो जाएंगे। गुरु के राशि परिवर्तन के चलते इसका प्रभाव सभी राशियों के जातकों के ऊपर देखने को मिलेगा। लेकिन गुरु के अपनी उच्च राशि कर्क में गोचर से चार राशि वालों पर सबसे ज्यादा प्रभाव देखने को मिलेगा आइए जानते हैं कौन-कौन सी हैं ये राशियां।