Grahan Yog in April 2026: ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, सभी ग्रह समय-समय पर राशि परिवर्तन करते हुए अलग-अलग योगों का निर्माण करते हैं। इन सभी में चंद्रमा गोचर का विशेष महत्व होता है, क्योंकि वह सबसे तेज गति से गोचर करने वाला ग्रह है। दरअसल, चंद्रमा लगभग ढाई दिन में राशि बदलता है और शुभ-अशुभ योगों का निर्माण करता रहता है। वर्तमान में चंद्रमा मंगल की राशि वृश्चिक राशि में स्थित है। लेकिन 13 अप्रैल 2026 को वह शनि की राशि कुंभ में प्रवेश करेंगे। इस राशि में पहले से ही छाया ग्रह राहु हैं। ऐसे में चंद्रमा और राहु की युति होगी, जिसके प्रभाव से ग्रहण योग का निर्माण होने वाला है। यह योग कुछ राशियों के लिए तनाव की स्थिति लेकर आ सकता है और मानसिक अस्थिरता भी जातकों को महसूस हो सकती हैं। ऐसे में आइए इन राशियों को जानते हैं।