Gaj Kesari Yog: सितंबर में चंद्रमा और बृहस्पति की युति से गजकेसरी योग बनेगा। देवताओं के गुरु बृहस्पति इस समय वृषभ राशि में हैं और चंद्रमा 22 सितंबर को सुबह 6:09 बजे वृषभ राशि में गोचर करेंगे। इस क्षण से बृहस्पति और चंद्रमा की युति होगी और गजकेसरी योग बनेगा। यह संयोग 22 सितंबर से 24 सितंबर तक सुबह 9:55 बजे तक रहेगा। इस समय चंद्रमा वृषभ राशि को छोड़कर मिथुन राशि में प्रवेश करेगा। 23 सितंबर को सर्वार्थ सिद्धि योग, रवि योग और अमृत सिद्धि योग का मिलन गजकेसरी योग होगा। आइए जानते हैं गजकेसरी योग के दिन किन 4 राशियों के लिए अच्छा समय शुरू होगा। आइए जानते हैं इससे जुड़े लाभ है।
क्या है गजकेसरी योग
गजकेसरी योग ज्योतिष शास्त्र में बहुत ही शुभ और उत्तम बताया गया है। इस योग का निर्माण तब होता है जब गुरु और चंद्रमा की खास स्थिति बनती है। गुरु और चंद्रमा जब किसी राशि में साथ बैठे होते हैं या फिर गुरु जिस राशि में होते हैं उस राशि से चौथे, सातवें और दसवें घर में चंद्रमा होते हैं तो गजकेसरी योग बनता है। यह योग जिस व्यक्ति की कुंडली में होता है वह गुणवान, ज्ञानी और उत्तम गुणों वाला होता है।