द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी
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द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी व्रत की विधि
स्नान और संकल्प- प्रातःकाल स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें और व्रत का संकल्प लें।
पूजा स्थल की तैयारी- गणपति बप्पा की मूर्ति या चित्र को स्वच्छ स्थान पर स्थापित करें।
गणेश जी की पूजा- धूप, दीप, अक्षत, फूल, दूर्वा, रोली, मोदक और पंचामृत से भगवान गणेश की पूजा करें।
"ॐ गं गणपतये नमः" मंत्र का जाप करें। संकष्टी गणेश चतुर्थी व्रत कथा का पाठ करें।