ग्रहों के गोचर में प्रतिक्षण निरंतरता एवं राशि परिवर्तन होते रहने के फलस्वरूप आपके जीवन में भी उतार-चढ़ाव आना स्वाभाविक है। सभी ग्रहों के गोचर काल में सर्वाधिक प्रत्यक्ष प्रभाव सूर्य और चन्द्र का रहता है क्योंकि सूर्य जिस राशि का भोग एक माह करते हैं चन्द्र उसी राशि को सवा दो से ढ़ाई दिन में भोग करके अगली राशि की यात्रा पर चले जाते हैं। चन्द्र की गति ग्रहों में सर्वाधिक तीव्र रहती है, इनका सीधा प्रभाव मन पर पड़ता है, अतः मानसिक मजबूती एवं मानसिक कमजोरी दोनों का परिणाम चन्द्र की गति और उनके साथ बनने वाले अन्य ग्रहों के अनुसार ही शुभ अशुभ होता है। मन के प्रभाव से ही व्यक्ति जीवन के सही गलत का निर्णय कर पाता है। इन अप्रत्याशित उतार-चढ़ाव वाले परिणामों से आपको कभी भी हताश नहीं होना चाहिए, अपितु यह जानकारी रखनी चाहिए कि इस माह में वो कौन-कौन से ढ़ाई दिन हैं, जिनके आने पर मुझे जीवनचर्या से संबंधित बड़े निर्णय सावधानी पूर्वक करने चाहिए। सभी बारह राशियों के अनुसार माह के वो ढ़ाई दिन कौन-कौन से अशुभ हैं, इसी का ज्योतिषीय विश्लेषण करते हैं।