वैदिक ज्योतिष शास्त्र में ग्रह समय-समय पर एक निश्चित अवधि के दौरान राशि परिवर्तन करते हैं। कई बार एक साथ दो या दो से अधिक ग्रह राशि परिवर्तन करते हुए एक ही राशि में आ जाते हैं, तो इसे ग्रहों की युति कहते हैं। कुछ ऐसी ही युति मई माह में वृषभ राशि में बनने वाली है। वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार 01 मई को वृषभ राशि में देवताओं के गुरु बृहस्पति का गोचर हुआ है। जिससे आने वाले दिनों में चतुर्ग्रही योग का निर्माण होगा। गुरु के वृषभ राशि में गोचर करने के बाद 14 मई को सूर्य शाम 06 बजकर 4 मिनट पर वृषभ राशि में गोचर करेंगे। फिर 19 मई को शुक्र मेष राशि की यात्रा को विराम देते हुए अपनी ही राशि वृषभ में प्रवेश करेंगे। 31 मई को ग्रहों के राजकुमार बुध वृषभ राशि में प्रवेश कर जाएंगे। इस तरह से मई में चतुर्ग्रही योग का निर्माण होगा। चार प्रमुख ग्रहों के एक ही राशि में मिलन से कुछ राशि वालों की किस्मत चमक सकती है।