क्या भारत में होगा इसका प्रभाव?
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क्या भारत में होगा इसका प्रभाव?
इस चंद्र ग्रहण का प्रारंभ दोपहर 3:20 बजे से होकर 6:47 बजे तक रहेगा। इसलिए भारत में यह ग्रहण आंशिक रूप से केवल पूर्वोत्तर राज्यों में दिखाई देने की संभावना है।
सूतक काल
इस ग्रहण का सूतक काल 3 मार्च 2026 को सुबह 6:20 बजे से प्रारंभ होगा और ग्रहण समाप्त होने तक रहेगा। यह ग्रहण इस साल भारत में दिखने वाला एक मात्र ग्रहण होने वाला है। खास बात ये है कि इस दिन होलिका दहन भी है। हालांकि ग्रहण समाप्त होने के बाद सभी शुभ कार्य किए जा सकते हैं।
इस ग्रहण का प्रभाव पश्चिमी एशिया, यूरोप, अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया, अंटार्कटिका तथा उत्तर एवं दक्षिण अमेरिका में स्पष्ट रूप से दिखाई देगा।