BUDH GOCHAR 2022
- फोटो : अमर उजाला
ज्योतिष में बुध और सूर्य ग्रह
बुध को सभी ग्रहों में युवराज कहा गया है। ये मिथुन और कन्या राशि के स्वामी हैं। मीन इनकी नीच तथा कन्या उच्च राशि कही गयी है । किसी भी जातक की जन्मकुंडली में ये विद्या,वाणी,लेखन,प्रकाशन, शिक्षण, बैंकिंग कार्य, वकालत चार्टर्ड एकाउंटेंट, गीत-संगीत, व्यापार, सलाहकार तथा कुशल वक्ता के रूप में सफलता दिलाने वाले ग्रह के रूप में जाने जाते हैं। बुध ग्रह लग्न, द्वितीय, चतुर्थ, सप्तम, नवम, दशम तथा एकादश भावों में शुभ फल देता है । इनके द्वारा अथवा इनकी युति से बनने वाले प्रमुख योगों में भद्र योग,बुधादित्ययोग,लक्ष्मी-विष्णुयोग,कुशल वक्ता योग आदि प्रमुख हैं। वैदिक ज्योतिष के अनुसार बुध ग्रह बुद्धि, वाणी, व्यापार और तर्क के कारक ग्रह माने गए हैं। वहीं दूसरी तरफ सूर्य आत्मा, राजा, पिता, उच्च पद और प्रशासनिक क्षेत्र के कारक माना गया है। ऐसे में इन दोनों ग्रहों के संयोग से जातकों के जीवन में उच्च पद, मान-सम्मान और व्यापार में तरक्की के संकेत हैं। आइए जानते हैं बुध-सूर्य युति से किन राशि के जातकों को लाभ मिलने वाला है। इसका ज्योतिषीय विश्लेषण करते हैं।