Annaprashan Muhurat 2024: अन्नप्राशन शब्द की उत्पत्ति दो शब्दों से मिलकर हुई है अन्न अर्थात अनाज और प्राशन यानी प्रक्रिया। अन्नप्राशन एक संस्कृत शब्द है जिसका सामान्य तौर पर अर्थ है “अनाज के सेवन का आरंभ करना। सरल शब्दों में कहें तो,अन्नप्राशन संस्कार को संपन्न करने के बाद से शिशु को माँ के दूध के अलावा अन्न, चावल और अन्य खाद्य पदार्थ भी दिए जाते हैं। अन्नप्राशन संस्कार को उस समय करना चाहिए जब शिशु की आयु 5 से 12 माह हो। बालकों का अन्नप्राशन संस्कार सम महीनों में किया जाता है जब वह 6,8,10 या 12 महीने का हो। इसके विपरीत कन्याओं का अन्नप्राशन विषम महीनों जैसे 5, 7, 9 या 11वें महीने में किया जा सकता है। नए साल में अन्नप्राशन मुहूर्त के तहत सबसे शुभ मुहूर्त का निर्धारण करने के लिए शिशु का नक्षत्र भी देखा जाता है। इस प्रकार, शिशु का जन्म नक्षत्र, बालक और कन्याओं का सम-विषम महीने को ध्यान में रखते हुए ही अन्नप्राशन मुहूर्त की गणना की जाती है। आइए जानते हैं साल 2024 में अन्नप्राशन का शुभ मुहूर्त।