दुनिया में जो भी आया है वह अपना भाग्य लेकर आया है। लेकिन हर किसी का भाग्य एक जैसा नहीं होता है। आप देखिए आपकी हथेली में मौजूद भाग्य रेखा आपके बारे में क्या कहती है।
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अपनी भाग्य रेखा खुद पढ़िए और जानिए इनका क्या है मतलब
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हथेली में शनि पर्वत यानी मघ्यमा उंगली के पास पहुंचने वाली रेखा भाग्य रेखा कहलाती है। यह रेखा हर हथेली में अलग-अलग होती है। आपकी हथेली में यह रेखा कहां से उत्पन्न हुई है और कहां कैसे पहुंची है इसी से आपका भाग्य प्रभावित होता है।
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केतु क्षेत्र से शुरु हुई इस भाग्य रेखा को देखिए। अगर आपकी हथेली में भी इस तरह भाग्य रेखा है तो समझ लीजिए आपको भाग्य का भरपूर साथ मिलने वाला है। ऐसे व्यक्ति का जीवन आमतौर पर सुखमय होता है। अगर भाग्य रेखा जीवन रेखा का स्पर्श कर रही है तो जितनी दूर तक भाग्य रेखा जीवनरेखा का स्पर्श करेगी जीवन के उतने भाग तक तकलीफ का सामना करना पड़ सकता है।
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भाग्य रेखा अगर त्रिकोण के पास से उत्पन्न हो रही है तो भाग्य का सहयोग कम मिलेगा। हस्तरेखा विज्ञान के अनुसार ऐसे व्यक्तियों को जीवन में खूब परिश्रम करने पर कामयाबी मिलती है।
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आपकी हथेली में भाग्य रेखा बुध पर्वत पर खत्म हो रही है तो यह संकेत है कि आप व्यवसाय में काफी सफल और धनवान हो सकते हैं।
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अगर आपकी भाग्य रेखा से छोटी-छोटी रेखाएं नीचे की ओर जा रही हैं तो यह भाग्य में गिरावट का संकेत है। इसके विपरीत छोटी रेखाएं ऊपर की ओर हैं तो भाग्योन्नति का संकेत है। यह भाग्य रेखा में जहां होता है जीवन के उस भाग्य में इसका परिणाम प्राप्त होता है।
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भाग्य रेखा लंबी होकर शनि की उंगली तक चली जाए और भाग्य रेखा पर तारे या क्रास का निशान हो तब यह संकेत है कि आपको जेल जाना पड़ सकता है।
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हृदय रेखा को पार करने के बाद हृदय रेखा जंजीरनुमा हो रही है तो प्रेम संबंध एवं वैवाहिक जीवन में कठिनाई आती है।
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जिनकी हथेली में भाग्य रेखा का अंत मस्तिष्क रेखा पर होता है वह अपने भाग्य के खुद ही दुश्मन होते हैं। यह खुद ऐसी गलतियां कर लेते हैं कि बनता काम भी बिगड़ जाता है।
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हथेली में अंगूठे के नीचे शुक्र पर्वत से जिनकी हथेली में भाग्य रेखा का उदय होता है बचपन में उनके पिता आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ता है। ऐसे स्त्री पुरुष विवाहित व्यक्तियों के प्रति आकर्षित होते हैं। इन्हें अपने विपरीत लिंग के व्यक्ति के सहयोग से धन लाभ भी प्राप्त होता है।