सामुद्रिक शास्त्र मनुष्य के सम्पूर्ण शरीर के अध्ययन की विद्या है। यह विद्या वैदिक काल से ही प्रचलित है। पौराणिक शास्त्र के अनुसार गरुड़ पुराण में सामुद्रिक शास्त्र का वर्णन है। मानव-शरीर के विभिन्न अंगों की बनावट के आधार पर उसके गुण-कर्म-स्वभाव के अलावा भूत, वर्तमान एवं भविष्य का विचार किया जा सकता है। समुद्रिक शास्त्र के अनुसार यह आप जरूर जान सकते हैं कि आपकी कुल आयु कितनी होगी यानि आप इस संसार में कितने सालो तक जिएंगे। अपनी उंगली की लंबाई से जान सकते हैं आप कितने वर्षों तक जीवित रहेंगे।