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Lunar Eclipse November 2020: कार्तिक पूर्णिमा पर लग रहा है साल का आखिरी चंद्रग्रहण, जानें ज्योतिषीय प्रभाव

Thu, 26 Nov 2020 07:06 AM IST
रुस्तम राणा ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
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चद्रग्रहण 2020: 30 नवंबर को इस साल का आखिरी चंद्रग्रहण लगेगा। - फोटो : अमर उजाला
Chandra Grahan November 2020: कार्तिक पूर्णिमा के दिन चंद्रग्रहण का साया रहेगा। कार्तिक पूर्णिमा 30 नवंबर को है और इसी दिन उपछाया चंद्रग्रहण लग रहा है। यह इस साल का आखिरी चंद्रग्रहण होगा। धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से ग्रहण का लगना अशुभ माना जाता है। ग्रहण में लगने वाला सूतक का विचार किया जाता है। तो आइए जानते हैं इस साल के आखिरी चंद्रग्रहण का ज्योतिषीय महत्व। 
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ज्योतिष गणना के अनुसार, चंद्रग्रहण वृषभ राशि और रोहिणी नक्षत्र में लग रहा है। - फोटो : ANI
किस राशि और नक्षत्र में लगेगा चंद्रग्रहण?
ज्योतिष गणना के अनुसार, चंद्रग्रहण वृषभ राशि और रोहिणी नक्षत्र में लग रहा है। जिस कारण वृष राशि के जातकों पर ग्रहण का सर्वाधिक प्रभाव देखने को मिलेगा। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, ग्रहण के दौरान वृष राशि के जातकों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। मन पर विपरीत असर पड़ सकता है। 

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चंद्र ग्रहण 2020 - फोटो : सोशल मीडिया
किस समय लगेगा चंद्रग्रहण?
उपछाया से पहला स्पर्श- 30 नवंबर 2020 की दोपहर 1 बजकर 04 मिनट पर
परमग्रास- चन्द्र ग्रहण 30 नवंबर 2020 की दोपहर 3 बजकर 13 मिनट पर
उपछाया से अन्तिम स्पर्श- 30 नवंबर 2020 की शाम 5 बजकर 22 मिनट पर।

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ज्योतिषीय गणना के अनुसार इस बार उपछाया चंद्रग्रहण में सूतक काल मान्य नहीं होता है। - फोटो : AP
सूतक काल
ज्योतिषीय गणना के अनुसार इस बार चंद्र ग्रहण में सूतक काल मान्य नहीं होगा। दरअसल यह उपछाया चंद्रग्रहण है। इसलिए सूतक काल नहीं माना जाएगा। सामान्य चंद्रग्रहण में सूतक ग्रहण से 9 घंटे पूर्व लग जाता है जो ग्रहण समाप्ति के साथ ही खत्म होता है। 
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चंद्र ग्रहण 2020 - फोटो : पेक्सेल्स
क्या होता है सूतक काल?
हिंदू धर्म में सूतक काल का विशेष महत्व होता है। सूतक काल में किसी भी तरह का शुभ कार्य करना वर्जित होता है। सूतक काल सूर्य और चंद्रग्रहण के दौरान लगता है, इसके अलावा किसी परिवार में शिशु के जन्म लेने पर उस घर के सदस्यों को कुछ समय के लिए सूतक काल में बिताना पड़ता है।
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चंद्र ग्रहण 2020 - फोटो : Pixabay
ग्रहण के दौरान बरतें ये सावधानियां
  • ग्रहण के दौरान और ग्रहण के खत्म होने तक भगवान की मूर्ति को नहीं छूना चाहिए।
  • ग्रहण में घर के मंदिरों के कपाट बंद कर देना चाहिए। ताकि भगवान पर ग्रहण का असर ना हो सके।
  • ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के दौरान ना तो ग्रहण देखना चाहिए और ना ही घर के बाहर निकलना चाहिए। 
  • ग्रहण के दौरान शारीरिक संबंध बनाने से गर्भधारण में संतान पर बुरा असर पड़ता है।
  • सूतक लगने पर और ग्रहण के दौरान सबसे ज्यादा नकारात्मक शक्तियां हावी रहती हैं। ग्रहण में कभी भी श्मशान घाट में नहीं जाना चाहिए।
  • सूतक लगने पर किसी भी तरह का कोई भी शुभ कार्य करने से बचना चाहिए। 
  • ग्रहण के दौरान बाल और नाखून काटने से बचना चाहिए।
  • इसके अलावा न तो कुछ खाना चाहिए और न ही खाना बनाना चाहिए।
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