किसी भी बात या कारण से जब मनुष्य बहुत आनंदित होता है तो वह अपने मनोभावों को हंसी या मुस्कुराहट से प्रकट करता है। हंसी आना या हंसना मनुष्य का रोना, दुखी होने और गुस्सा करने जैसा ही स्वभाविक गुण है। पहले के समय में लोगों के पास समय था, वे एक दूसरे के साथ समय बिताते थे और प्रसन्न रहते थे, लेकिन आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोगों के पास दो पल का समय नहीं है कि वह सुकून से खुलकर हंस सकें। यही कारण है कि आज के समय में लोगों को लाफिंग थेरेपी का सहारा लेना पड़ रहा है, दरअसल हमारे हंसने, रोने, गुस्सा, करने का प्रभाव हमारे मानसिक स्वास्थ्य पर होता है। हंसने से मनुष्य का मानसिक स्वास्थ्य अच्छा रहता है और इसी के साथ हंसी से हमारे रक्त संचार को में सुधार होता है लेकिन क्या आपको पता है कि हंसी से किसी भी व्यक्ति के व्यक्तित्व के बारे में जाना जा सकता है। प्रत्येक मनुष्य की हंसी एक दूसरे से भिन्न होती है। कुछ लोग बहुत जोर से हंसते हैं तो कुछ लोग ज्यादातर मुस्कान से ही अपनी खुशी जाहिर कर देते हैं। हंसी का संबंध मानसिक स्वास्थ्य से होता है इसलिए समुद्रशास्त्र कहता है कि व्यक्ति के हंसने के तरीके से उसके स्वभाव को जाना जा सकता है। जानिए क्या कहती है आपकी हंसी।