फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अकाल मृत्यु और रोगों से मुक्ति दिलाने वाला है महामृत्युंजय मंत्र, लेकिन जाप के समय नियमों का पालन करना है आवश्यक

Wed, 02 Dec 2020 07:31 AM IST
Shashi Shashi ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
चमत्कारी है महामृत्युंजय मंत्र
विज्ञापन

महामृत्युंजय मंत्र का जाप अकाल मृत्यु के भय से मुक्ति दिलाता है। माना जाता है कि इस मंत्र के जाप से बड़ा से बड़ा रोग भी सही हो जाता है। स्नान करते समय इस मंत्र को बोलने से आरोग्यता प्राप्त होती है। इस मंत्र का जाप अत्यंत लाभप्रद होता है। महामृत्युंजय मंत्र के जाप से मनुष्य के जीवन के कई व्याधियां अपने आप दूर हो जाती हैं। मान्यता है कि इस मंत्र का जाप करते समय यदि दूध में निहारा जाए और बाद में उस दूध का सेवन किया जाए तो यौवन की सुरक्षा प्राप्त होती है। क्षमतानुसार इस मंत्र का जाप किया जा सकता है या विशेष परिस्थितियों पुरोहित से इस मंत्र का जाप करवाया जा सकता है। यदि आप घर पर इस मंत्र का जाप कर रहें हैं तो जितने भी दिन आप जप करें उतने दिनों तक नियमों का पालन करना बहुत आवश्यक होता है। जानते हैं महामृत्युंजय मंत्र जाप के नियम...

विज्ञापन

जाप करते समय रखें इन नियमों का ध्यान
  • शास्त्रों में मंत्र जाप करते समय स्पष्ट रुप से उच्चारण का बहुत महत्व बताया गया है। इसलिए जाप करते समय उच्चारण की शुद्धता का ध्यान रखें।
  • जाप करते समय माला से ही जाप करें क्योंकि संख्याहीन जाप का फल प्राप्त नहीं होता है। प्रतिदिन कम से कम एक माला जाप पूरा करके ही उठे।  
  • अगर आप दूसरे दिन जाप करने जा रहे है तो पहले दिन से कम जाप न करें। अधिक से अधिक कितना भी जाप किया जा सकता है। 
  • मंत्र का उच्चारण करते समय  स्वर होठों से बाहर नहीं आना चाहिए। धीमे स्वर में आऱाम से मंत्र जाप करें। 
  • मंहमृत्युंजय मंत्र का जाप रुद्राक्ष की माला से ही करें। 
  • जाप करते समय माला को गौमुखी में ढककर रखें। 
विज्ञापन

  • जाप से पहले भगवान के समक्ष धूप दीप जलाएं। जाप के दौरान दीपक जलता रहे।
  •  इस मंत्र का जाप करते समय शिवजी की प्रतिमा, तस्वीर, शिवलिंग या महामृत्युंजय यंत्र पास में से कोई एक को अपने पास अवश्य रखें। 
  •  मंत्र जाप हमेशा कुशा के आसन पर किया जाता है। इसलिए महामृत्युंजय मंत्र का जाप भी कुशा के आसन पर करें। 
  • महामृत्युंजय मंत्र का जाप करते समय एवं सभी सभी पूजा-पाठ करते समय अपना मुख पूर्व दिशा की ओर ही रखें। 
  • अगर आप शिवलिंग के पास बैठकर जाप कर रहे हैं तो जल या दूध से अभिषेक करते रहें। 
  • जाप करने के लिए एक शांत स्थान का चुनाव करें, जिससे जाप के समय मन इधर-उधर न भटके। 
  • जाप के समय उबासी न लें और न ही आलस्य करें। अपना पूरा ध्यान भगवान के चरणों में लगाएं। 
  • जाप करने के दिनों में पूर्णतया ब्रह्मचार्य का पालन करें।
  • जितने दिन जाप करना हो उतने दिनों तक तामसिक चीजों जैसे मांस, मदिरा लहसुन, प्याज या अन्य किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थ आदि से दूर रहें। 
  • जिस स्थान पर प्रथम दिन जप किया हो प्रतिदिन उसी स्थान पर बैठकर जप करें। 
  • जाप के दौरान बीच में किसी से बात न करें। सांसारिक बातों से दूर रहें। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें