केतु के शुभ परिणामों को पाने के पहना जाता है लहसुनिया।
- फोटो : अमर उजाला
लहसुनिया रत्न
यह रत्न केतु के शुभ परिणामों को पाने के पहना जाता है। लहसुनिया रत्न को केतु की दशा के वक्त पहनने का सुझाव दिया जाता है। इस रत्न को आजीवन धारण नहीं किया जाता है। बस जब केतु कुंडली में गलत स्थान पर स्थित होता है, केवल तब ही इस रत्न को पहनते हैं।