Budhaditya Yoga: 21 नवंबर से बुध गृह वृश्चिक राशि में प्रवेश कर चुका है। जब सूर्य और बुध एक राशि में रहते हैं, उनकी युति से बुधादित्य योग बनता है। बुध धन के और सूर्य सफलता के कारक हैं। इस हिसाब से इन दोनों की युति कुछ राशि वालों के लिए बेहद शुभ साबित होती है। बुधादित्य योग उन्हें तरक्की, पैसा और सम्मान दिलाता है। बुध वृश्चिक राशि में 10 दिसंबर प्रातः 06: 03 मिनट तक रहेंगे। मिथुन और कन्या राशि के स्वामी बुध मीन राशि में नीच राशि तथा कन्या राशि में उच्च राशिगत संज्ञक माने गए हैं। फलित ज्योतिष के अनुसार इनका सर्वाधिक प्रभाव कॉमर्स, वित्त, शिक्षा और न्यायिक मंत्रालयों के विभागों में रहता है अतः इनसे प्रभावित लोग इन मंत्रियों के विभागों में सर्विस अथवा व्यापार के लिए आवेदन करेंगे तो अधिक बेहतर रहेगा। बुध के राशि परिवर्तन का अन्य सभी राशियों पर क्या प्रभाव पड़ रहा है, आइए जानते हैं।