कुंडली के आठवें भाव में प्रवेश
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कुंडली के आठवें भाव में प्रवेश
गुरु का गोचर लग्न कुंडली के आठवें भाव में होने वाला है। कुंडली का आठवां भाव आयुर्भाव या मृत्यु स्थान के नाम से जाना जाता है। कुंडली के आठवें भाव से आयु, गुप्तांग, मृत्यु, उपहार, बिना कमाये प्राप्त होने वाली संपत्ति, मृत्यु का कारण, चाह, अपमान, पतन आदि को दर्शाता है।