प्राचीन काल से ही भारत में गोधन को मुख्य धन मानते आए हैं और हर प्रकार से गौरक्षा,गौसेवा एवं गौपालन पर ज़ोर दिया जाता रहा है। हमारे हिन्दू शास्त्रों, वेदों में गौरक्षा,गौ महिमा, गौ पालन आदि के प्रसंग भी अधिकाधिक मिलते हैं। गाय, भगवान श्री कृष्ण को अतिप्रिय है। गौ पृथ्वी का प्रतीक है। गौ माता में सभी देवी-देवता विद्धमान रहते है सभी वेद भी गौओं में प्रतिष्ठित है। गाय से प्राप्त सभी घटकों में जैसे दूध, घी, गोबर अथवा गौमूत्र में सभी देवताओं के तत्व संग्रहित रहते हैं। माना जाता है कि धरती पर गाय ही ऐसा एक मात्र प्राणी है जो ऑक्सीजन ग्रहण करती है और ऑक्सीजन ही छोड़ती है। वास्तुशास्त्र और चीनी मान्यता फेंगशुई के अनुसार घर में कामधेनु गाय की मूर्ति रखने से अनेक लाभ मिलते हैं।