ग्रहण ज्योतिष और धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण घटना होती है। ग्रहण की अवधि अशुभ मानी जाती है। इस कारण ग्रहण के दौरान कई कार्य वर्जित माने जाते हैं। इस साल चार ग्रहण लगने जा रहे हैं। इनमें दो सूर्य ग्रहण और दो चंद्र ग्रहण होंगे। आइए जानते हैं इस साल कौन-कौनसे ग्रहण भारत में दिखाई देंगे और उनका समय और सूतक काल क्या रहेगा।
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सूर्य ग्रहण 2021
- फोटो : अमर उजाला
साल 2021 में पहला सूर्य ग्रहण
साल 2021 का पहला सूर्य ग्रहण 10 जून को लगेगा। यह वलयाकार सूर्य ग्रहण होगा। सबसे महत्वपूर्ण बात ये है कि यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां ग्रहण का सूतक काल मान्य नहीं होगा।
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ग्रहण 2021
- फोटो : अमर उजाला।
साल 2021 में दूसरा सूर्य ग्रहण
इस वर्ष का दूसरा और आखिरी सूर्य ग्रहण साल के आखिरी महीने 4 दिसंबर को लगेगा। यह पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा। खास बात ये है कि यह सूर्य ग्रहण भी भारत में दिखाई नहीं देगा। इसलिए ग्रहण का सूतक काल यहां मान्य नहीं होगा।
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चंद्र ग्रहण 2021
- फोटो : पेक्सेल्स
साल 2021 का पहला चंद्र ग्रहण
साल 2021 का पहला चंद्र ग्रहण 26 मई को लगेगा। यह चंद्र ग्रहण पूर्वी एशिया, ऑस्ट्रेलिया, प्रशांत महासागर और अमेरिका महाद्वीप में दिखाई देगा। सबसे महत्वपूर्ण बात ये है कि यह चंद्र भारत में भी दिखाई देगा।
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चंद्र ग्रहण 2021
- फोटो : Pixabay
साल 2021 का पहला चंद्र ग्रहण
इस साल का दूसरा और आखिरी चंद्र ग्रहण 19 नवंबर को लगेगा। यह चंद्र ग्रहण भारत, अमेरिका, उत्तरी यूरोप, पूर्वी एशिया, ऑस्ट्रेलिया और प्रशांत महासागर क्षेत्र में दिखाई देगा।
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ग्रहण 2021
- फोटो : Pixabay
ग्रहण को लेकर धार्मिक मान्यता
धार्मिक मान्यता के अनुसार, ग्रहण को अशुभ घटना के रूप में देखा जाता है। इसलिए इस दौरान कई कार्यों को वर्जित माना गया है। खासकर शुभ कार्यों को। ग्रहण के दौरान पूजा-पाठ करना वर्जित होता है और इस दौरान देवी-देवताओं की मूर्तियों को स्पर्श नहीं किया जाता है। मंदिरों के कपाट भी बंद कर दिए जाते हैं।
सूर्य और चंद्र ग्रहण के अशुभ प्रभाव से बचने के लिए इन दोनों ग्रहों से संबंधित मंत्रों का जाप करना चाहिए। सूर्य ग्रहण में सूर्य के बीज मंत्र और चंद्र ग्रहण में चंद्रमा के बीज मंत्र का जाप करने से ग्रहण के अशुभ प्रभावों से बचा जा सकता है। इसके अलावा इन दोनों ग्रहों के यंत्रों की पूजा करने से भी ग्रहण के अशुभ प्रभावों से छुटकारा पाया जा सकता है।