Chanakya Success Mantra
- फोटो : social media
आचार्य चाणक्य कहते हैं कि दुराचारी व्यक्ति, दुष्टस्वभाव वाले मनुष्य से हमेशा दूर रहना चाहिए। ऐसा व्यक्ति बिना किसी कारण दूसरों को नुकसान पहुंचाने वाला होता है। इस तरह के व्यक्ति से मित्रता रखने वाला अगर श्रेष्ठ पुरुष भी हो तो भी वह शीघ्र ही नष्ट हो जाता है। चाणक्य कहते है कि संगति का प्रभाव अवश्य होता है, इसलिए दुर्जनों से दूर रहना ही सही रहता है।